Pili Sarso : सनातन धर्म में तंत्र साधना एक ऐसी युक्ति है जिसके जरिए लोग कई तरह के टोने-टोटके करते हैं. इसका सहारा तब लिया जाता है जब जिंदगी में आप बेहद परेशान होते हैं और कोई रास्ता ना दिखाई दे. उस समय आपके मन में आता है कि कहीं आप किसी तरह के जादू टोने या तंत्र-मंत्र की चपेट में तो नहीं आ गए? प्राचीन तंत्र शास्त्र में इन समस्याओं का समाधान और जानने की युक्ति बताई गई है. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से पीली सरसों के दानों से कैसे पता लगाए जादू-टोना के बारे में.
ऐसा माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति अकारण मौत के आगोश में समा जाता है तो उसकी आत्मा मोक्ष नहीं पाती और वह अलग-अलग योनियों में विचरण करती है. यदि आपके जीवन में किसी तरह के शुभ कार्य में अड़चन आती है, व्यापार ठीक से नहीं चलता है तो ऐसी ही कोई बाधा इसका कारण हो सकती है. इसे कैसे जानें आइए जानते हैं.
सरसों के दाने बताएंगे दोष या बाधा
यदि आपके घर में या दुकान आदि स्थानों पर आपको किसी तरह की बाधा होने का बोध होता है तो आप इसे कंफर्म करने के लिए सरसों के दानों के कुछ उपाय कर सकते हैं. प्राचीन तंत्र शास्त्र के ग्रंथों के अनुसार, आपको पीली सरसों के ताजे दाने लेने होंगे और इनमें से 8 दानों को गंगाजल में धोकर सुखाना होगा. जब ये दाने सूख जाएं तो आप एक कटोरी में गंगाजल भरकर इन दानों को डाल दें. आप देखेंगे कि इसमें से कुछ दाने तैर रहे हैं उनकी गिनती जितनी होगी उस हिसाब से आपको बाधा के बारे में ज्ञात हो जाएगा.
दाने की संख्या बताएगी कौन सा दोष
1 एक दाना तैरता है तो यह नकारात्मक शक्तियों के दोष से संबंधित बाधा है.
2 दाने तैरते हैं तो यह क्षेत्रपाल और दिक्पाल से संबंधित दोष माना जाता है.
3 दाने तैरने का मतलब है कि शाकिनी या डाकिनी दोष है.
4 दाने तैरने पर यह तंत्र-मंत्र दोष होने का संकेत है.
5 दाने तैरते हैं तो यह कुलदेवी या कुलदेवता का दोष कहलाता है.
6 दाने तैरते हैं तो यह मातृ दोष से जुड़ा होता है.
7 दाने तैरते हुए नजर आएं तो समझ लीजिए यह वन्ध्यावासीनी या मृतवत्सा दोष है.
8 दाने गंगाजल में तैरते हैं तो यह आपको कुलदोष या पितृ दोष के बारे में बताता है.
FIRST PUBLISHED : September 22, 2024, 08:38 IST







