सुल्तानपुर: सुल्तानपुर शहर के गभड़िया के पास नयना माता का मंदिर स्थित है. जहां लोगों की मान्यता है कि इस मंदिर में दर्शन करने के पश्चात जिन लोगों को नयन यानी कि आंख की समस्या रहती है, उन्हें इससे मुक्ति मिलती है. यही वजह है कि यहां पर काफी संख्या में लोग दर्शन करने आते हैं. नवरात्रि में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रहती है, इसके साथ ही इस मंदिर में एक विशेष प्रकार का जल भी रखा जाता है. शहर में बनाया गया यह मंदिर नगर पालिका परिषद सुल्तानपुर के क्षेत्र में आता है. जिसे नागर शैली में बनाया गया है. मंदिर रोड पर भव्य आधुनिक गेट बनाया गया है, जिससे मंदिर की खूबसूरती पर चार चांद लगता है. मंदिर का ग्राउंड फ्लोर कीर्तन भजन के लिए आरक्षित किया गया है और मूर्ति प्रथम तल पर स्थापित की गई है. बाहरी गर्भ गृह पर शेर है और मंदिर में अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं.
नयना माता हैं इनका रूप
Bharat.one से बातचीत के दौरान मंदिर के पुजारी ने बताया कि नैना माता मां दुर्गा का ही रूप हैं, जिन्हें नेत्र की देवी माना जाता है. सुल्तानपुर शहर के अलावा गांव के भी लोग नैना माता मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं. विशेष तौर पर नवरात्रि के पर्व पर यहां भयंकर भीड़ लगती है, जिसमें कई हजार लोग प्रतिदिन नैना माता के दर्शन करते हैं.
इस वर्ष स्थापित हुआ था मंदिर
नैना माता मंदिर देवी को समर्पित सुल्तानपुर जनपद का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है. इस मंदिर की स्थापना साल 2011 में की गई थी, लोगों की ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में आने से जिन लोगों की आंख की रोशनी की समस्या रहती है वह ठीक हो जाती है. अगर आप भी इस मंदिर में आकर दर्शन करना चाहते हैं, तो आपको सुल्तानपुर शहर से गभड़िया पुल के पास आना होगा. वहीं पर आपको नैना माता का मंदिर मिल जाएगा.
FIRST PUBLISHED : October 28, 2024, 11:42 IST
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