Shadi Ke Upay: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु को साक्षी मानकर व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने के योग निद्रा से जागते हैं और तभी से शुभ अथवा मांगलिक कार्य की शुरुआत भी होती है.
ज्योतिष गणना द्वारा देवउठनी एकादशी पर कुछ खास उपाय करने से काफी फल की प्राप्ति भी होती है. अगर आप भी अपने विवाह को लेकर परेशान है विवाह में बार-बार बाधा उत्पन्न हो रही है, तो देवउठनी एकादशी के दिन कुछ खास उपाय करें. मान्यता है कि ऐसा करने से विवाह में आ रही रुकावट दूर होगी.
शादी के अचूक उपाय
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 11 नवंबर को शाम 6:46 से शुरू हो रही है, जिसका समापन 12 नवंबर को शाम 4:04 पर होगा. 12 नवंबर को देव उठानी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इसके अगले दिन तुलसी विवाह का पर्व भी मनाया जाएगा. यह एकादशी तिथि 24 एकादशी से थोड़ा अलग है. इस दिन जगतपति भगवान श्री हरि विष्णु 4 महीने की अपनी गहरी निद्रा से जागते हैं और तभी से मांगलिक कार्य की शुरुआत होती है.
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विवाह के जल्दी योग बनाने के लिए क्या करें
विवाह में किसी तरह की बाधा उत्पन्न हो रही है तो देवउठनी एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा आराधना करें. जगत पति को केसर अथवा पीले चंदन का तिलक लगाएं. ऐसा करने से जल्द ही विवाह की योग बनेंगे.
वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए एकादशी तिथि के दिन माता तुलसी की भी पूजा आराधना करें. इतना ही नहीं भगवान विष्णु माता लक्ष्मी के साथ तुलसी की पूजा आराधना करने से वैवाहिक जीवन सदैव खुशहाल रहता है.
FIRST PUBLISHED : November 6, 2024, 10:13 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

















