
Copper Toxicity: सदियों से हमारे देश में तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने के फायदे बताए जाते रहे हैं. यहां तक कि राजा-महाराजा भी तांबे के बर्तन में पानी पीते थे. इसके फायदे भी कम नहीं हैं. साइंस के हिसाब से भी तांबे के बर्तन में पानी पीने के बहुत फायदे हैं. इससे पेट साफ रहता है और पूरी बॉडी डिटॉक्स हो जाती है. इस तरह यह पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है. तांबे के जग में रखे पानी पीने से शरीर में चमक आती है. इसमें एंटी-एजिंग गुण भी होता है क्योंकि यह स्किन के नीचे कोलेजन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है जिससे स्किन में इलास्टिसिटी बनी रहती है. वहीं इसमें एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होता है जिसके कारण स्किन में नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्मजीव नहीं पनप पाते हैं. इतने सारे गुण के बावजूद यदि आप तांबे के जग से गलत तरीके से पानी पीते हैं तो आपको फायदे की जगह नुकसान हो सकता है. क्योंकि तांबे के जग के कारण इसी पानी में टॉक्सिन बन सकता है जो आपके पूरे शरीर को सत्यानाश कर सकता है.
क्या सच में तांबे के बर्तन का पानी बन सकता है जहर
सर गंगाराम अस्पताल की चीफ डायटीशियन डॉ. मुक्ता वशिष्ठ बताती हैं कि चाहे कोई भी चीज हो अति सर्वत्र वर्जयेत् यानी किसी भी चीज को ज्यादा खाएंगे तो उससे फायदे की जगह नुकसान होगा. कॉपर हमारी हड्डियों, दिमाग, स्किन, टिशूज और इम्यूनिटी के लिए जरूरी है. हमें हर दिन करीब 1000 माइक्रोग्राम या 10 मिलीग्राम तक कॉपर चाहिए.अगर इससे कम मिलेगा तो हमारा दिमाग सही से काम नहीं करेगा, हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाएगा और नसें भी कमजोर होने लगेंगी लेकिन अगर कॉपर हमारे शरीर में ज्यादा हो जाएगा तो यह शरीर के कई हिस्सों में जमा होने लगेगा और इसके घातक नुकसान सामने आ सकते हैं. डॉ. मुक्ता वशिष्ठ ने बताया कि जब हम पानी के तांबे के बर्तन में रखते हैं तो इसमें कॉपर रिसता है. इससे पानी में कॉपर मिल जाता है. अगर थोड़ा ज्यादा हो तो भी काम चल सकता है लेकिन अगर आप कॉपर के बर्तन को सही से साफ नहीं करते हैं तो इसमें कॉपर टॉक्सिसिटी हो सकती है. यानी यह पानी जब शरीर में जाएगा तो कई अंगों पर जहर की तरह असर कर सकता है.
क्या-क्या होगा नुकसान
डॉ. मुक्ता वशिष्ठ ने बताया कि अगर आपने कॉपर के गंदे जग से लगातार पानी पीते हैं तो इस पानी में कई तरह के टॉक्सिक मिले हुए रहते हैं जो आपके पेट में जाता है और पेट से यह आपके खून में चला जाएगा. यदि आप लगातार ऐसा करते हैं खून के माध्यम से यह कई अंगों में जमा होने लगेगा. इसका सबसे ज्यादा नुकसान ब्रेन को होगा. ब्रेन पर बहुत बुरी तरह से असर करेगा. यह टॉक्सिक लंग्स, किडनी, लिवर, हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों में घुसकर इन अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देगा. यहां तक लिवर और किडनी के फंक्शन को प्रभावित करने लगेगा. इसका जो सबसे पहला असर होगा वह पेट पर होगा. टॉक्सिक वाले कॉपर पानी पीने से सबसे पहले पेट खराब होगा. डायरिया हो सकता है, पेट में दर्द हो सकता है. जी मितलाने लगेगा और उल्टी भी हो सकती है. अगर आप कई दिन तक टॉक्सकि कॉपर वाटर लेते हैं तो हमेशा आपको सिर दर्द रहेगा, चक्कर आने की शिकायत रहेगी. आपकी स्किन पीले पड़ सकते हैं. आंखों में पीलापन दिखने लगेगा. जॉन्डिस भी हो सकता है.चूंकि लिवर में बाइल जूस का प्रोडक्शन प्रभावित होगा, इसलिए खतरनाक स्थिति में सिरोसिस भी हो सकता है.
तो कैसे सही तरीके से पानी पिए
डॉ. मुक्ता वशिष्ठ कहती हैं कि यदि आप तांबे के बर्तन को रोजाना साफ करेंगे और इसका पानी पिएंगे तो कोई नुकसान नहीं होगा. आमतौर पर हम लोग तांबे के बर्तन को सप्ताह भर में साफ करते हैं या बोतल में कुछ गंदगी दिखी तो साफ कर लिया. ये आदत छोड़नी होगी. हर दिन बोतल को साफ करना होगा. आप तांबे की बोतल को नमक और नींबू से रेगुलर साफ करें. इसे रूटीन बना लें. दूसरा तांबे की बोतल में कभी भी गर्म पानी न पिएं. गर्म पानी रखने से कॉपर पानी में तेजी के साथ घुल जाएंगे और यह आपके पेट में जाएगा. इसलिए सर्दी में कभी भी तांबे की बोतल में गर्म पानी न रखें. हमेशा नॉर्मल पानी रखें और 6-7 घंटे में तांबे के बर्तन में रखा पानी पी लें. इससे कोई नुकसान नहीं होगा और कई फायदे होंगे.
FIRST PUBLISHED : December 6, 2024, 12:12 IST
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