
Bhuteshwar Mahadev Temple: मंदिरों में फूल, प्रसाद और धूपबत्ती तो आपने बहुत बार देखी होगी. लेकिन क्या आपने किसी मंदिर में मृत इंसान की भस्म देखी है? ऐसा होता है मथुरा के शिव मंदिर में, जो अद्भुत और अलौकिक है. यहां शंकर को भूतनाथ के नाम से जाना जाता है. मंदिर की आरती से पहले भगवान शंकर का अदम्य श्रृंगार लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. शिवलिंग का श्रृंगार यहां आने वाले ली मृत शव का दाह संस्कार होने के बाद उनकी भस्म लगाकर करते हैं.
यमुना नदी के किनारे बने ध्रुव घाट पर बना ये शिव मंदिर अपने आप में अलग मान्यता रखता है. इस मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति की जुबान पर शंकर का गुणगान रहता है. यहां आने वाला हर व्यक्ति इस जगह आकर पवित्र हो जाता है. ध्रुव घाट पर बना ये शिव मंदिर रहस्यों से भरा हुआ है. माना जाता है कि यहां आने के बाद मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है. शिव मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश पंडित ने Bharat.one से बात करते हुए यहां की मान्यता के बारे में बताया.
भुतेश्वर महादेव मंदिर की कहानी
पुजारी ने कहा की शिव जी का ये मंदिर श्मशान घाट में बना हुआ है. यहां आने वाले हर मुर्दे को जलाने के बाद जो क्रिया की जाती है उससे भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं. ओमप्रकाश ने बताया की चिता की राख ठंडी होने के बाद शिवलिंग पर भस्म से श्रृंगार किया जाता है. हर दिन उनकी शिवलिंग का श्रृंगार भस्म से किया जाता है. भगवान शंकर के इस घाट पर जो भी मृतक आता है, वो मुक्ति पा लेता है. उन्होंने कहा कि हर चिता से राख ली जाती है और भस्म शिवलिंग पर श्रृंगार के रूप में लगाई जाती है. मृत आत्मा भगवान शंकर के शिवलिंग पर राख लगाई जाती है.
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यमुना किनारे बना है भगवान शिव जी का मंदिर
मथुरा के मध्य स्थित भगवान शंकर का यह मंदिर अपने आप में एक अद्भुत और अलौकिक शक्ति रखता है. यह मंदिर श्मशान घाट में बना हुआ है, श्मशान घाट में होने के साथ-साथ यहां के पुजारी अंत्येष्टि की राख से इस शिवलिंग का श्रृंगार करते हैं. भस्म लगाते हैं. हर दिन मृतक व्यक्तियों की अंत्येष्टि होने के बाद बची हुई भस्म से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है. शिवलिंग पर भस्म लगाने से मृत आत्मा को मोक्ष मिलता है.
FIRST PUBLISHED : December 6, 2024, 10:48 IST
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