
हरिद्वार: प्राचीन परंपराओं और धार्मिक ग्रंथो के अनुसार पशु पक्षियों को लेकर कुछ धारणाएं और बातें बताई गई हैं. अगर कुछ पक्षी सुबह या किसी अन्य समय आपके घर या घर के आंगन में आकर बैठ जाते हैं और आवाज करते हैं तो यह शुभ होता है या अशुभ इसके बारे में भी मान्यताएं हैं. वहीं पितृपक्ष में कौवे को भोजन कराना पितरों को खिलाने के समान बताया गया है इसलिए पितृपक्ष में अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए कौवे को भोजन कराया जाता है. वैसे ही कौवे का छत पर बैठकर बोलना शुभ होता है या अशुभ इसके बारे में भी बताया गया है.
दरअसल कौवा अगर छत पर बैठकर आवाज करता है तो इसे मेहमान आने का सूचक बताया गया है. वहीं कौवा आपके घर के आंगन में किसी तार या पेड़ पर बैठकर आवाज करता है तो यह भी मेहमान के आने का प्रतीक होता है. ऐसा भी कहा जाता है कि अगर कौवा घर की दक्षिण दिशा में बैठकर आवाज करे तो यह अशुभ संकेत होता है.
मेहमान आने का प्रतीक कौवा
कौवों का छत पर बोलना शुभ या अशुभ होता है इसकी ज्यादा जानकारी Bharat.one को देते हुए हरिद्वार के ज्योतिषी पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं की कौवे का छत पर बैठकर या घर के आंगन में बोलना शुभ होता है. अगर कौवा घर के आंगन या छत पर बैठकर आवाज करें तो यह मेहमान आने का सूचक होता है. यह परंपरा सदियों पुरानी है.
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्राद्ध पक्ष में कौवे को पितरों का प्रतीक मानकर भोजन कराया जाता है, जिससे कुंडली में लगा पितृ दोष खत्म हो जाता है. आम दिनों में भी कौवे को दाना या भोजन देना शुभ होता है. जहां एक और कौवे को भोजन कराने से पितृ दोष दूर होता है वहीं दूसरी ओर कौवा मेहमान का प्रतीक होता है.
दक्षिण दिशा में कौवे का बोलना अशुभ
पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं की घर की छत पर पूर्व और पश्चिम दिशा में बैठकर अगर कौवा आवाज करता है तो यह मेहमान आने का प्रतीक होता है लेकिन उत्तर दिशा में बैठकर कौवे का आवाज करना किसी पुराने मित्र से मिलने का सूचक होता है. वे बताते हैं कि अगर कौवा घर की दक्षिण दिशा में बैठकर आवाज करें तो यह पितृ दोष और गंभीर समस्याओं के आने का प्रतीक होता है. दक्षिण दिशा में कौवे का बैठकर बोलना पितृदोष का संकेत होता है.
वहीं कौवे के घर की दक्षिण दिशा में बैठकर बोलने से आप पर कोई विपदा या समस्या आने वाली है. अगर कौवा घर की दक्षिण दिशा पर बैठकर बोल रहा है तो बिना देरी किए उसे वहां से उड़ा दें और कुछ ऐसे उपाय करें कि दोबारा कौवा वहां पर बैठकर ना बोले, साथ ही घर में वैदिक मंत्रों से हवन, धार्मिक अनुष्ठान भी करना चाहिए जिससे घर से नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाए.
FIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 13:49 IST
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.







