
नैनीताल : सर्दियों की शुरुआत हो चुकी है. उत्तराखंड के नैनीताल में सुबह और शाम के वक्त कड़ाके की ठंड पड़ रही है. नैनीताल में सुबह और शाम के समय विंटर लाइन भी दिखने लगी है. जो यहां आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहीं है. दिसंबर की शुरुआत में नैनीताल का मौसम बेहद खुशनुमा बना रहता है, इस वक्त सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को सूरज ढलने के बाद नैनीताल की नैनापीक, स्नो व्यू, बारह पत्थर, किलबरी, हनुमानगढ़ी, टिफिन टॉप, कैमेल्स बैक की चोटी से तराई की तरफ देखने पर खुले आसमान में लाल, पीली और नारंगी रंग लिए हुए एक सीधी रेखा नजर आती है. इस रेखा को ही विंटर लाइन कहा जाता है. नैनीताल में विंटर लाइन नवंबर से लेकर जनवरी के शुरुआती दिनों तक देखा जाता है.
उत्तराखंड के नैनीताल स्थित डीएसबी कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. ललित तिवारी बताते हैं कि सर्दियों के मौसम में वायुमंडल में नमी आ जाती है और मैदानी इलाकों से धूल, प्रदूषित धुएं के कण वायुमंडल में जाकर अपनी जगह स्थिर हो जाते हैं. ऐसे में वायुमंडल में एक सीधी समांतर रेखा आ जाती है जिसे विंटर लाइन या शीत रेखा कहा जाता है. इस रेखा में एक विशेष कोण से जैसे ही सूर्य का प्रकाश पड़ता है तो लाल, पीला, नीला, नारंगी रंग लिए विंटर लाइन दिखाई देती है. सर्दियों के दिनों में सुबह 6:30 से लेकर सूर्योदय तक और शाम 7 बजे सूर्यास्त के बाद विंटर लाइन का दीदार कर सकते हैं.
उत्तराखंड में यहां दिखती है विंटर लाइन
प्रोफेसर तिवारी बताते हैं कि विंटर लाइन स्विट्जरलैंड से दिखाई देती है. इसके अलावा भारत में नैनीताल, मसूरी, चकराता से विंटर लाइन का दीदार कर सकते हैं. प्रोफेसर तिवारी ने बताया कि वायुमंडल में जितने ज्यादा धूल के कण होंगे विंटर लाइन उतनी ही ज्यादा तीव्र होगी. यही वजह है कि विंटर लाइन का रंग कभी गहरा और कभी हल्का दिखाई देता है. नैनीताल आने वाले पर्यटक भी विंटर लाइन का दीदार कर सकते हैं.
FIRST PUBLISHED : December 7, 2024, 13:18 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/travel-see-switzerland-like-winter-line-here-in-uttarakhand-local18-8880989.html







