
छत्रपति संभाजी नगर: आजकल, सरकारी नौकरी पाना कई युवाओं का सपना बन चुका है. इसके चलते युवाओं में प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exams) की तैयारी करने की प्रवृत्ति बढ़ी है. अक्सर, परीक्षा में असफल होने के बाद कुछ लोग थकान के कारण डिप्रेशन (depression) का शिकार हो जाते हैं. इस समय, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों में डिप्रेशन की दर (Depression among students) बढ़ रही है. इसलिए, समय रहते इसका समाधान ढूंढना बेहद जरूरी है, इससे बचने के उपाय छत्रपति संभाजी नगर के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सिसोड़ें (Psychiatrist Dr. Sandeep Sisodhe) से जानते हैं…
डिप्रेशन क्यों होता है?
बता दें कि आजकल, बहुत से युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसके कारण प्रतिस्पर्धा बढ़ी है क्योंकि प्रतियोगिता में बहुत सारे छात्र होते हैं. इसलिए सभी को तुरंत सफलता नहीं मिलती. हालांकि, अगर किसी सहपाठी को नौकरी मिल जाए और आपको नहीं, तो छात्रों में तनाव बढ़ जाता है. इसी तरह, छात्र अपने मोबाइल फोन पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं. इसके अलावा, घर की जिम्मेदारियों और पैसों की चिंता के कारण भी छात्रों में तनाव होता है. इससे डिप्रेशन बढ़ता है.
क्या किया जाना चाहिए?
डिप्रेशन से बचने के लिए छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. उन्हें मोबाइल फोन पर ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए. मोबाइल का उपयोग कम करना चाहिए. दोस्तों के साथ ज्यादा समय नहीं बिताना चाहिए. धूम्रपान से बचना चाहिए. पर्याप्त नींद लेनी चाहिए. इन सभी सावधानियों को ध्यान में रखते हुए, छात्रों को सही योजना बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए. इसके बाद डिप्रेशन नहीं होगा.
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खासकर, प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्र असफलता से हतोत्साहित (discouraged by failure) होते हैं. इसलिए, उन्हें काउंसलिंग की जरूरत होती है. अगर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो, तो किसी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए, डॉक्टर ने भी यही सलाह दी.
FIRST PUBLISHED : December 24, 2024, 16:35 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-tips-to-avoid-depression-among-students-competitive-exams-solutions-sa-8917054.html







