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Haridwar: सकट चौथ व्रत के दिन तिल और गुड़ खाने से बहुत सारे लाभ मिलते हैं. इसका आध्यात्मिक महत्व तो है ही साथ ही इसे खाने से सेहत को भी फायदा पहुंचता है.
तिल और गुड़ का सकट चौथ पर महत्व
हरिद्वार. हिंदू धर्म में सकट चौथ व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है. यह व्रत संतान को समर्पित होता है. माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, उज्जवल भविष्य, सुख समृद्धि और खुशहाली के लिए ये व्रत करती हैं. हिंदू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार चतुर्थी तिथि गणेश भगवान को समर्पित होती है. शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में चतुर्थी तिथि को गणेश भगवान की पूजा अर्चना करने से अनेक प्रकार के फायदे मिलते हैं.
लेकिन माघ मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी यानी संकट चौथ गणेश भगवान और संकट माता के निमित्त व्रत, पूजा पाठ पूजा अर्चना स्तोत्र आदि का पाठ करने से संतान संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं. माघ मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 17 जनवरी 2025 को तिल और गुड़ खाने का आध्यात्मिक लाभ होता है वहीं आयुर्वेद की दृष्टि से भी तिल गुड़ खाने से स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है.
इस दिन पूजा का खास लाभ
सर्दी के मौसम में तिल गुड़ खाने के आध्यात्मिक महत्व की ज्यादा जानकारी Bharat.one को देते हुए पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि साल में चतुर्थी तिथि का आगमन 24 बार होता है. कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि गणेश भगवान को समर्पित होती है. गणेश भगवान की इस दिन पूजा अर्चना, स्त्रोत आदि का पाठ करने से चमत्कारी लाभ होते हैं.
माघ मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी यानी सकट चौथ का व्रत करने से संतान की दीर्घायु, उज्जवल भविष्य, बेहतर स्वास्थ्य और संतान के निरोग रहने की धार्मिक मान्यता है. इस दिन तिल और गुड़ खाने से धार्मिक लाभ प्राप्त होते हैं तो वहीं आयुर्वेद की दृष्टि से स्वास्थ्य संबंधी वायु विकार रोग भी ठीक हो जाते हैं.
रक्त संचार अच्छा होता है
सर्दी के मौसम में रक्त जमने का खतरा अधिक बना रहता है. तिल और गुड़ खाने से पूरे शरीर में रक्त संचार अच्छा बना रहता है और नसों में होने वाली क्लॉटिंग से छुटकारा मिल जाता है. धार्मिक दृष्टि से पूजा पाठ, पूजा अर्चना या धार्मिक अनुष्ठान करने में तिल का बहुत अधिक महत्व होता है. वहीं हिंदू धर्म में गुड़ को पवित्र माना गया है. सकट चौथ के दिन तिल और गुड़ खाने से वायु विकार ठीक होते हैं साथ ही संतान संबंधी धार्मिक लाभ भी प्राप्त होता है. माघ मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन सकट चौथ को तिलकुट चौथ भी कहा जाता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.







