Last Updated:
Astro Tips: जातक की कुंडली में दिन प्रतिदिन बदलाव होते रहते हैं. कई बार कुंडली में कई महत्वपूर्ण ग्रह अच्छा फल देते हैं तो कई बार वो कमजोर हो जाते हैं या कहें सूर्य की चमक के आगे अस्त हो जाते हैं, जिससे उन ग्रहों…और पढ़ें
एस्ट्रो टिप्स
Asth Graho Ka Phal: अस्त ग्रह ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है. जब कोई ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो ऐसा माना जाता है कि वह ‘अस्त’ हो गया है. इस स्थिति में, ग्रह की ऊर्जा और प्रभाव कम हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन पर विभिन्न प्रकार के प्रभाव पड़ते हैं. अस्त ग्रह से व्यक्ति के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है और उसका उपचार क्या है इस पर जानकारी दे रहे हैं ज्योतिषाचार्य रवि पाराशर.
अस्त होने का कारण:
सूर्य की प्रचंड ऊर्जा के कारण, जब कोई ग्रह एक निश्चित दूरी के भीतर सूर्य के पास आता है, तो वह अपनी चमक और प्रभाव खो देता है. इसे ही ग्रहों का अस्त होना कहते हैं. जातक की कुंडली में ये बदलाव होता रहता है.
विभिन्न ग्रहों का अस्त फल:
विभिन्न ग्रहों के अस्त होने से व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर अलग-अलग प्रभाव पड़ते हैं:
चंद्रमा: अस्त चंद्रमा मानसिक अशांति, भावनात्मक अस्थिरता और मां के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है.
बुध: अस्त बुध संचार, बुद्धि और व्यापार में बाधा उत्पन्न कर सकता है.
मंगल: अस्त मंगल साहस, ऊर्जा और आत्मविश्वास में कमी ला सकता है.
गुरु: अस्त गुरु ज्ञान, शिक्षा और भाग्य में कमी का संकेत देता है.
शुक्र: अस्त शुक्र प्रेम, सौंदर्य और सुख-समृद्धि में कमी ला सकता है.
शनि: अस्त शनि कड़ी मेहनत, देरी और बाधाओं का प्रतीक है.
उपाय:
अस्त ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए ज्योतिष में कई उपाय बताए गए हैं, जैसे कि मंत्र जाप, रत्न धारण, दान और पूजा.
निष्कर्ष:
अस्त ग्रह ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसका व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. उचित ज्योतिषीय सलाह और उपायों से इसके नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है.
January 18, 2025, 09:02 IST
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/astro/astro-tips-effects-in-life-of-person-when-planets-like-guru-shukra-shani-mangal-and-other-sets-in-horoscope-8966493.html

















