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Chhattisgarh Traditional Breakfast: रायपुर का महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में दिनों लोगों की चहलकदमी बढ़ गई है. यहां ज्ञानदीप महिला स्वसहायता समूह के द्वारा संचालित गढ़कलेवा लोगों के लिए पसंदीदा फूड कोर्ट बन गया है. लोग छत्तीसगढ़ के पारंपरिक नाश्ता चीला खाने के लिए…और पढ़ें
छत्तीसगढ़ी चीला
रायपुर. ठंड के मौसम में गरमा-गरम नाश्ते की बात हो और छत्तीसगढ़ी चीला का जिक्र ना हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है. रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर में ज्ञानदीप महिला स्वसहायता समूह के द्वारा संचालित गढ़कलेवा इन दिनों ठंड के मौसम में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के शौकीनों का पसंदीदा स्थल बन गया है. खासतौर पर पारंपरिक चीला की मांग तेजी से बढ़ी है. चावल और आटे से बने चीला को यहां ताजा हरी मिर्च की चटनी और टमाटर की चटनी के साथ परोसा जाता है. गढ़कलेवा में पारंपरिक तरीके से बने चीला की खुशबू और स्वाद दूर-दूर से लोगों को आकर्षित कर रही है.
रोजाना 150 प्लेट चीला की हो जाती है सेल
ज्ञानदीप महिला स्वसहायता समूह की सचिव मंजू अर्जरिया ने बताया कि रायपुर का गढ़कलेवा महिला समूह द्वारा संचालित है. यहां छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजन काफी कम दाम पर मिलते हैं. अभी ठंड के महीने सबसे ज्यादा चीला की डिमांड बढ़ी है. ठंड के मौसम में गरमा-गरम चीला लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. वैसे तो छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों के घर-घर में चीला सुबह के नाश्ते में खाया जाता है. लेकिन, राजधानी के गढ़कलेवा में शहरी क्षेत्र में जीवनयापन करने वाले सैकड़ों लोग रोजाना यहां का फेमस गरमा-गरम चीला खाने आते हैं. गढ़कलेवा में रोजाना 100-150 प्लेट चीला की बिक्री हो रही है. वहीं शनिवार और रविवार को यह आंकड़ा 300 से अधिक पहुंच जाता है.
गांव जैसा रहता है माहौल
स्वसहायता समूह की सचिव मंजू अर्जरिया का आगे कहना है कि रायपुर के गढ़कलेवा की बात ही निराली है. यहां का वातावरण ग्रामीण परिवेश के जैसा है. खपरैल से छत तैयार किए गए हैं और रोजाना गोबर से लिपाई होती है. इसके अलावा खुला जगह पेड़ के नीचे बैठने के लिए खटौली लगाया है. यहां पूरी तरह से गांव जैसा माहौल रहता है. ज्यादातर लोग यहां का माहौल देखकर आते हैं. आपको भी छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर स्थिति गढ़कलेवा एक बार जरूर विजिट करना चाहिए.
Raipur,Chhattisgarh
January 18, 2025, 15:28 IST
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-traditional-breakfast-of-chhattisgarh-increased-demand-for-chilla-made-from-rice-and-flour-recipe-for-making-cheela-local18-8968811.html

















