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भगवान कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न की विचित्र शादियों की कहानी


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Mahabharat Katha: कृष्ण के पुत्र प्रद्युम्न ने तीन विचित्र शादियां कीं: पहली मायावती से, जिसने उन्हें बचपन में पाला; दूसरी बुआ की बेटी रुक्मवती से; और तीसरी असुर राजकुमारी प्रभावती से।

कृष्ण के बेटे की विचित्र शादियां, पहले पालने वाली, फिर मामा की बेटी, तीसरी...

हाइलाइट्स

  • प्रद्युम्न का जन्म के 10 दिन बाद ही अपहरण कर लिया गया
  • उन्हें जिसने गोद में पाला, वही करने लगी प्रेमिका की तरह प्यार
  • मामा की लड़की से स्वयंवर में विवाह रचाया

भगवान कृष्ण के बेटे प्रद्युम्न की कहानी तो बहुत विचित्र है. खासकर उनकी शादियां. कृष्ण के इस बेटे की तीनों शादियों के बारे में जिसने सुना, वही दंग रह गया. खासकर जब पहली शादी उन्होंने उसी विवाहिता से कर ली, जिसने बचपन से पालने में उन्हें पाला था. और केवल यही नहीं, शादी करने के लिए उन्होंने उस विवाहिता के राक्षस पति की हत्या भी कर दी. उनकी बाकी दो शादियां भी कुछ कम अनोखी नहीं थीं.

प्रद्युम्न कामदेव के अवतार माने जाते हैं. वह भगवान श्रीकृष्ण की प्रमुख पत्नी रुक्मिणी के बेटे थे. कामदेव को जब भगवान शंकर ने भस्म कर दिया, तब उसकी पत्नी रति भगवान शिव के पास जाकर रोने लगी. तब भगवान शिव को उस पर दया आई. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के बेटे के रूप में कामदेव का फिर से जन्म होगा.

तब रति इंतजार करने लगी
हालांकि इसे होने में बहुत लंबा समय लगने वाला था लेकिन रति इंतजार करने लगी. उसका अगला जन्म हुआ. वह राक्षसों के घर में पैदा हुई. उसे मायावती का नाम दिया गया. जब वह बड़ी हुई तो उसकी शादी शंबरासुर नाम के राक्षस से हो गई. हालांकि वह उसको बहुत परेशान करता था.

भागवत पुराण और कथासरित्सागर में लिखा है कि शिव की सलाह पर रति असुर शंबारसुर की रसोई में प्रमुख दासी मायावती का रूप धारण करती है. वह पाककला अद्वितीय तौर पर निपुण है. वह शंबारसुर के घर पर ही अपने पति के आने का इंतजार करती है. विष्णु पुराण और हरिवंश में रति के पुनर्जन्म को मायादेवी कहा जाता है. उसे असुर शंबारसुर की दासी के बजाय उसकी पत्नी बताया गया है.

मायावती बचपन से ही प्रद्युम्न को तब से पालती है, जब वह केवल कुछ दिनों का होता है. बाद में नारद उसे बताते हैं कि ये उसका पूर्वजन्म का पति कामदेव है. तब वह उनसे प्यार करने लगती है. (image generated by Leonardo AI)

कृष्ण के बेटे का अपहरण और समुद्र में फेंका
अब रुक्मणी से जब कृष्ण का जन्म हुआ तो शंबरासुर ने इस नवजात बच्चे का अपहरण करके उसे समुद्र में फेंक दिया, क्योंकि उसे पता चला कि कृष्ण की पहली संतान के हाथों उसकी मृत्यु होगी. भागवत पुराण के अनुसार, प्रद्युम्न के जन्म के 10 दिन के भीतर ही असुर शंबरासुर ने उसका अपहरण कर लिया.
कृष्ण के बेटे को समुद्र में फेंकने के बाद वह निश्चिंत हो गया. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं हुई.

फिर मछली के पेट से निकला वो
प्रद्युम्न को एक बड़ी मछली ने निगल लिया. फिर जब वह मछुआरों के हाथ लगी तो उन्होंने उसे शंबरासुर को भेंट कर दी. वह उसकी रसोई में पकने के लिए पहुंची. वहां पाककला में निपुण मायावती के सामने जब मछली काटने के लिए चीरा लगाया गया तो उसमें एक सुंदर जीवित बालक निकला. हालांकि कई जगह ये भी कहा गया है कि मायावती केवल शंबरासुर की रसोई की प्रमुख थी, उसके अधीन काम करती थी.

मायावती ने उसे बचपन से पालापोसा
मायावती उस अद्वितीय बालक को देखकर मुग्ध हो गई. तब नारद ने आकर मायावती को प्रद्युम्न के जन्म के रहस्य से परिचित कराया. सावधानी से पालन करने को कहा. जब प्रद्युम्न युवा हो गये तो महसूस किया कि मायावती ने उसे पाला जरूर लेकिन पत्नी की तरह व्यवहार करती है. उनसे किसी प्रेमिका की तरह प्यार करती है.

तब मायावती ने बताई सच्चाई
तब कारण पूछने पर उन्हें सच्चाई का पता लगा. मायावती यानि रति ने प्रद्युम्न से कहा कि दुष्ट शंबरासुर मारकर मुझे अपने साथ ले चलिए. नारद ये रहस्य उन्हें बताते हुए बताया प्रद्युम्न पूर्वजन्म में काम देवता थे और उनके साथ स्त्री पूर्वजन्म की उनकी पत्नी रति. इस तरह रति से प्रद्युम्न की पहली शादी हुई.

मामा की बेटी से कैसे हुआ विवाह
इसके बाद प्रद्युम्न ने अपने मामा रुक्मी की बेटी रुक्मवती से भी विवाह किया. ऐसा कहा जाता है कि राजकुमारी रुक्मवती ने उनकी वीरता, सुंदरता और आकर्षण को शब्दों से परे पाया. अपने स्वयंवर में उनसे शादी करने पर जोर दिया. उनकी तीसरी शादी भी विचित्र ही थी. प्रभावती एक असुर राजकुमारी थी जिसे प्रद्युम्न से प्यार हो गया और दोनों ने भागकर शादी की.

विष्णु पुराण का अध्याय 91-95 कहता है कि प्रद्युम्न और प्रभावती के राक्षस पिता वज्रनाभ के बीच भयंकर युद्ध हुआ. वज्रनाभ की वीरता और ताकत से देवता भी डरते थे. प्रद्युम्न और वज्रनाभ के बीच भयंकर युद्ध हुआ. जिसे महायुद्ध कहा गया, इसमें प्रद्युम्न ने वज्रनाभ को मार डाला. इसके बाद प्रद्युम्न और प्रभावती का विवाह हुआ.

महाभारत के बड़े योद्धा
वैसे प्रद्युम्न शक्तिशाली महारथी योद्धा थे. महाभारत के युद्ध और द्वारका की रक्षा में उनकी खास भूमिका थी. बाद में प्रद्युम्न को यादव वंश के अन्य सदस्यों के साथ नशे में झगड़े में मार दिया गया.

कौन थी रति, जिन पर देवताओं का ईमान भी डोला
रति पौराणिक धर्म ग्रंथों में दक्ष प्रजापति की पुत्री और कामदेव की पत्नी कही गईं. रति संसार की सबसे रूपवती सुन्दर स्त्री मानी गईं. उन्हें देखकर देवताओं का मन डोल गया, इसी से उनका नाम ‘रति’ पड़ा. ‘शतपथ ब्राह्मण’ में उन्हें गंधर्व कन्या बताया गया है.

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