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Mandi Kalam Style: अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में राजसी ठाठ-बाट की झलक, मंडी कलम शैली से तैयार निमंत्रण पत्र


Agency:Bharat.one Himachal Pradesh

Last Updated:

Mandi Shivratri Festival 2025: मंडी के अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2025 के निमंत्रण-पत्र को मंडी कलम शैली में तैयार कर एक ऐतिहासिक पहल की गई है. इस प्रयास से न केवल स्थानीय कला को संरक्षित किया गया है, बल्क…और पढ़ें

अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में राजसी ठाठ-बाट की झलक, निमंत्रण पत्र तैयार

निमंत्रण पत्र की तस्वीर 

हाइलाइट्स

  • मंडी शिवरात्रि महोत्सव 2025 के लिए विशेष निमंत्रण-पत्र तैयार किया गया.
  • निमंत्रण-पत्र मंडी कलम शैली में डिज़ाइन किया गया है.
  • पारंपरिक रंग संयोजन और मंडयाली भाषा का उपयोग किया गया.

Shivratri Fair Invitation Card: इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2025 को और भव्य बनाने के लिए एक विशेष निमंत्रण-पत्र तैयार किया गया है. इस निमंत्रण-पत्र को मंडी कलम शैली में डिज़ाइन किया गया है, जो 16वीं से 18वीं शताब्दी के बीच पहाड़ी लघु चित्रकला के रूप में प्रसिद्ध थी. उपायुक्त एवं अध्यक्ष शिवरात्रि मेला कमेटी अपूर्व देवगन ने इस निमंत्रण-पत्र को आधिकारिक रूप से जारी किया.

मंडी कलम को पुनर्जीवित करने की पहल
मंडी कलम शैली एक अद्वितीय पहाड़ी चित्रकला है, जो मंडी के समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती है. इस शैली को पुनर्जीवित करने के लिए निमंत्रण-पत्र में पारंपरिक रंग संयोजन, राजसी ठाठ-बाठ और मंडयाली भाषा का उपयोग किया गया है.

उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि शिवरात्रि मेला मुख्य रूप से देवी-देवताओं का मेला है और इसी कारण 216 देवी-देवताओं को यह विशेष निमंत्रण भेजा जाएगा.

निमंत्रण-पत्र की अनूठी विशेषताएं
मंडी कलम शैली में डिजाइन – 16वीं शताब्दी के पारंपरिक मंडी कलम शैली की चित्रकारी.
राजसी रंग संयोजन – लाल, हरा, नीला, पीला और सुनहरी रंगों से सजी कलर थीम.
पारंपरिक मंडयाली भाषा का उपयोग – निमंत्रण-पत्र को स्थानीय भाषा में तैयार किया गया.
उच्च गुणवत्ता वाला पेपर – 250 जी.एस.एम पेपर और लिफिंग तकनीक का उपयोग किया गया.
शिव-पार्वती विवाह का चित्रण – भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का सुंदर चित्रण किया गया है.
राजसी ठाठ-बाठ की झलक
इस निमंत्रण-पत्र में राजा सिद्धसेन के समय के भव्य दरबार और सांस्कृतिक विरासत को दिखाने का प्रयास किया गया है. इसके चित्रों में:

भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह – सादगी और प्रेम का प्रतीक.
शिव के वाहन नंदी और पार्वती का वाहन चीता – प्रेम और सौहार्द्र का संदेश.
त्रिलोकी नाथ अपने हृदय में आदि भवानी को बिठाए हुए – प्रेम और भक्ति का प्रतीक.
पारंपरिक रंग संयोजन – मंडी की चारों ओर की हरियाली को दर्शाने के लिए हरे रंग का उपयोग.
लाल रंग – आध्यात्मिक शक्ति और विश्वास को दर्शाता है.
मंडी नगर की ठेठ मंडयाली भाषा में तैयार किया गया कार्ड
इस निमंत्रण-पत्र को मंडी की ठेठ मंडयाली भाषा में लिखा गया है, जिससे यह स्थानीय लोगों के लिए और भी खास बन गया है. निमंत्रण-पत्र में देवताओं और आमंत्रित श्रद्धालुओं को पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मेले में शामिल होने का न्योता दिया गया है. शब्दों की सादगी और भावनात्मक गहराई इसे अन्य आमंत्रण-पत्रों से अलग बनाती है.

मंडी कलम को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण योगदान
इस निमंत्रण-पत्र के निर्माण में मंडी कलम शैली को पुनर्जीवित करने वाले प्रसिद्ध चित्रकार राजेश कुमार, जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक, सहायक उपायुक्त कुलदीप सिंह पटियाल और उपायुक्त कार्यालय के विजय, राजेश और सुरेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

संस्कृति और परंपरा का संरक्षण
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मंडी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव भी है. मंडी कलम शैली में डिज़ाइन किया गया यह निमंत्रण-पत्र न केवल शिवरात्रि महोत्सव की भव्यता को बढ़ाएगा, बल्कि मंडी की पारंपरिक कलात्मक विरासत को भी घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करेगा.

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अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में राजसी ठाठ-बाट की झलक, निमंत्रण पत्र तैयार

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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