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टेबलेट के बीच में एक लाइन क्यों होती है? क्या होता है इसका मतलब, डॉक्टर से ही जान लीजिए सच्चाई

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Line on Tablet Medicine: अधिकतर टेबलेट्स के बीच में एक लाइन बनी होती है. कई बार लोग उस लाइन से गोली को तोड़कर खा लेते हैं. डॉक्टर से यह जान लेते हैं कि गोलियों के बीच बनी लाइन को क्या कहते हैं और इनका मतलब क्या…और पढ़ें

टेबलेट के बीच में लाइन क्यों होती है? क्या होता है इसका मतलब, डॉक्टर से जानें

अधिकतर टेबलेट्स के बीच स्कोरिंग लाइन होती है.

हाइलाइट्स

  • टेबलेट्स के बीच में बनी लाइन को स्कोरिंग लाइन कहा जाता है.
  • इस लाइन से टेबलेट को तोड़कर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
  • कुछ दवाओं में यह लाइन नहीं होती है और इसकी कई वजह होती हैं.

Break Line in Tablets: जब तबीयत खराब हो जाए, तब डॉक्टर लोगों को टेबलेट्स लेने की सलाह देते हैं. टेबलेट्स खाते वक्त आपने देखा होगा कि कई गोलियों के बीच में एक लाइन बनी होती है. यह लाइन अधिकतर टेबलेट्स में होती है, जबकि कुछ दवाओं में नहीं होती है. इसे देखकर लोगों के मन में अक्सर सवाल आता है कि टेबलेट के बीच में यह लाइन क्यों बनाई जाती है और इस लाइन को क्या कहा जाता है. अगर आपके दिमाग में भी कई इस तरह का सवाल आया है, तो आज आपको बता रहे हैं कि यह लाइन क्या होती है और इसका क्या मतलब होता है.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने Bharat.one को बताया कि टेबलेट के बीच में जो लाइन होती है, उसे स्कोरिंग लाइन कहा जाता है. इस लाइन को टेबलेट बनाने के दौरान डाला जाता है, ताकि टेबलेट को आधा लेने की जरूरत पड़े, तो उसे ठीक बीच से तोड़कर इस्तेमाल किया जा सके. कई बार लोगों को एक के बजाय आधी टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है और ऐसे में स्कोरिंग लाइन टेबलेट को सही तरीके से स्प्लिट करने में मदद करती है. बिना इस लाइन के टेबलेट को बीच से तोड़ना मुश्किल हो जाएगा और गलत तरीके से टेबलेट टूटने पर डोज गड़बड़ हो जाएगी.

डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार कई दवाएं लोगों के बॉडी वेट के अनुसार दी जाती हैं. उदाहरण से समझें तो अगर किसी व्यक्ति का वजन 80 किलो है, तो उसे 1000 mg की टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है. जबकि 40 किलोग्राम वजन वाले व्यक्ति को 500 mg टेबलेट की जरूरत होगी. ऐसे में अगर उस दवा का 500 mg वेरिएंट उपलब्ध नहीं हैं, तो उसे बीच वाली लाइन से तोड़कर 500 mg की डोज ले सकते हैं. ऐसा सभी टेबलेट्स के साथ नहीं होता है, लेकिन कई दवाएं इस तरह से भी इस्तेमाल की जा सकती हैं. कई दवाओं में स्कोरिंग लाइन नहीं होती है और उन्हें तोड़ने की सलाह भी नहीं दी जाती है.

कुछ दवाओं में स्कोरिंग लाइन क्यों नहीं होती है? इस सवाल पर डॉक्टर ने बताया कि सभी टेबलेट्स में स्कोरिंग लाइन नहीं होती, क्योंकि यह पूरी तरह से दवा के टाइप, डोज और संरचना पर निर्भर करता है. स्कोरिंग लाइन उन टेबलेट्स में होती है, जिन्हें डिवाइड करने की जरूरत पड़ सकती है. कुछ टेबलेट्स में बहुत कम डोज होती है, जहां दवा एक बारे में लेने की सलाह डॉक्टर देते हैं. कई टेबलेट्स धीरे-धीरे रिलीज होती हैं और उन्हें तोड़कर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इससे उनकी प्रभावशीलता पर बुरा असर पड़ सकता है. कुछ टेबलेट्स में विशेष कोटिंग होती हैं और उन्हें तोड़ने पर दवा के अवशोषण में दिक्कत आ सकती है. ऐसी टेबलेट्स में स्कोरिंग लाइन नहीं डाली जाती हैं.

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टेबलेट के बीच में लाइन क्यों होती है? क्या होता है इसका मतलब, डॉक्टर से जानें


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