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Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज सोशल मीडिया आजकल छाए रहते हैं. अब उन्होंने बताया कि मृत्यु होने के बाद किसका पुनर्जन्म होता है और पुनर्जन्म कितने दिन बाद होता है. आइए जानते हैं सबकुछ…
प्रेमानंद महाराज.
हाइलाइट्स
- प्रेमानंद महाराज ने पुनर्जन्म पर विचार साझा किए.
- ये इच्छा रखने पर पुनर्जन्म निश्चित है.
- गुरु की मदद से मुक्ति मिल सकती है.
मथुरा: प्रेमानंद महाराज सोशल मीडिया आजकल छाए रहते हैं. रील्स स्क्रॉल करने पर खुद-ब-खुद उनका वीडियो सामने आ जाता है. वे अपने सत्संग के माध्यम से लोगों को सांसारिक और आध्यात्मिक जीवन का ज्ञान देते हैं. वे श्रद्धालुओं और भक्तों को सही मार्ग पर चलने की बात बताते हैं. जो भी व्यक्ति उनके बताए मार्ग पर चलता है, वह हर तरह की परेशानियों से निपटने में सक्षम हो जाता है. अक्सर प्रेमानंद महाराज से सत्संग के बाद श्रद्धालु अपनी तमाम तरह की समस्याओं को लेकर सवाल पूछते हैं, जिसका संत बहुत सहज तरीके से उत्तर देते हैं. ऐसी ही उन्होंने बताया कि मृत्यु होने के बाद किसका पुनर्जन्म होता है और पुनर्जन्म कितने दिन बाद होता है. आइए जानते हैं सबकुछ…
पदयात्रा विरोध के कारण फिर चर्चाओं में
प्रेमानंद महाराज को कौन नहीं जानता देश से लेकर विदेश तक के लोग वृंदावन के फेमस संत से मिलने पहुंचते हैं, जहां दूर-दूर से लोग प्रेमानंद महाराज की तारीफ करते नहीं थकते हैं. उनकी वृंदावन में निकलने वाली पदयात्रा काफी प्रसिद्ध है. इस दौरान हजारों श्रद्धालु उनके दर्शन करने आते हैं. हालांकि, हाल ही में वह अपनी पदयात्रा के विरोध के कारण चर्चाओं में रहे थे.
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किसका होता है पुनर्जन्म?
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि पूज्य उड़िया बाबा जी महाराज कहते हैं, ऐ उपासक, मन में यदि कोई वासना रखोगे तो तुम्हारा पुनर्जन्म निश्चित है. उड़िया बाबा ही बड़े न्यायाधीश हैं. ये ब्रह्म प्राप्त, भागवत प्राप्त महापुरुष जो बोलते हैं यही प्रमाण माना जाता है. अगर आपने महान पाप किया है और कोई महात्मा कह दे जाओ- कुछ नहीं, सब ठीक है. तो आपको एक भी पाप का दंड नहीं मिलेगा. यह सच है. यही न्यायाधीश हैं, ये बड़े बड़े महापुरुष हैं. इसलिए इनसे जो लाभ मिलता है वो भगवान से भी बढ़कर लाभ कहा जाता है. इनके शब्दों पर कभी संशय मत करना.
होश में आ जाओ…
उन्होंने कहा कि मन में यदि कोई वासना मन में रखोगे तो पुनर्जन्म तुम्हारा निश्चित हो गया है. होश में आजाओ. ये भोग लो, ये देख लो. अगर हम किसी चीज को लेकर यह कहने लगे कि ये पसंद है, ये चाहिए तो यह सब वासना ही है. हिरण में ममता हो गई तो भगवान के पुत्र हैं भरत जी महाराज. अगला जन्म उनका हिरण का हुआ. स्त्री में आशक्त हो गई पुरंजनी में, तो पुरंजनी का अगला जन्म स्त्री का हुआ. अगर आपमें कोई भी वासना है तो आपका पुनर्जन्म होगा. यही बाबा उड़िया कहते हैं. इसलिए कोई वासना नहीं रहनी चाहिए, नहीं तो अगला जन्म हो जाएगा. यह बड़ा निकृष्ट भी हो सकता है.
इस समय होगा जन्म
उन्होंने एक कहानी सुनाने के बाद कहा कि अगर वासना रखोगे और मौत हो गई तो जबतक वह वासना पूरी नहीं हो जाएगी तबतक आपका जन्म होता रहेगा. जरूरी नहीं कि आपका जन्म फिर इंसान ही हो उस वासना से संबंधित हो सकता है. अगर आप वासना खुद से दूर नहीं कर सकते तो गुरु की मदद लो. वहीं उन्होंने कहा कि झोली, ईष्टमंत्र, गुरुदेव और इष्टदेव आजीवन एक ही रखे. इन्हें कभी नहीं बदलना चाहिए.
Mathura,Uttar Pradesh
February 18, 2025, 18:21 IST
प्रेमानंद महाराज का बड़ा दावा, महज इतने दिन में होता है पुनर्जन्म, अगर रखी…

















