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Holika Dahan Rules: आज रात होलिका दहन होगा. होलिका दहन के पहले कुछ नियमों का पालन जरूरी माना गया है. हालांकि, बहुत से लोग इन नियमों को नहीं जानते और भूल कर जाते हैं. जिससे पुण्य अर्जित नहीं होता..
होलिका दहन
हाइलाइट्स
- होलिका दहन के समय दिशा और शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें
- होलिका दहन से पहले इतनी बार परिक्रमा करें
- होलिका दहन के दौरान सफेद, पीले या लाल कपड़े पहनें
उज्जैन. आज होलिका दहन है. हिंदू धर्म में होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. इस दिन परिवार के साथ होली माता की पूजा की जाती है और रात के समय होलिका दहन किया जाता है. इसी कड़ी में उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि होलिका दहन के पहले बहुत से ऐसे नियम हैं, जिनको जान लेना बेहद जरूरी है. क्योंकि, बहुत से लोग इनका पालन नहीं करते और पुण्य लाभ से वंचित रह जाते हैं.
होलिका दहन शुभ मुहूर्त
इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी. 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगा. चूंकि, छोटी होली पर दिनभर भद्रा का साया रहेगा, इसलिए रात को 11.26 बजे भद्रा समाप्त होने के बाद ही आप होलिका दहन कर सकेंगे.
होलिका दहन से पहले जान लें नियम
1. होलिका दहन करते समय दिशा और शुभ मुहूर्त का विशेष ध्यान रखें. होलिका दहन के वक्त आग उत्तर दिशा की ओर होती है तो देश और समाज में सुख-शांति बढ़ती है.
2. होलिका दहन से पहले कलावा लपेटते हुए 5-7 बार परिक्रमा करें. होलिका दहन की अग्नि में जौ या अक्षत अर्पित करें. इसकी अग्नि में नई फसल को चढ़ाते हैं और भूनते हैं. भुने हुए अनाज को लोग घर लाने के बाद प्रसाद के रूप में बांटते हैं.
3. होलिका जलाकर तुरंत वहां से लौट आते हैं, जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए. होलिका दहन के बाद कुछ देर तक वहां रुकना चाहिए. अग्नि की परिक्रमा करनी चाहिए. मान्यता है कि होलिका की अग्नि में विशेष ऊर्जा होती है, जिससे नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं.
4. होलिका दहन के दौरान सफेद, पीले या लाल रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है. इस दिन चमड़े के वस्त्र या काले रंग के कपड़े पहनने से नकारात्मक ऊर्जा आकर्षित हो सकती है. वहीं, महिलाओं को इस दिन ज्यादा चमकीले और गहरे रंगों के कपड़ों से बचना चाहिए. अगर आप भी इस बार होलिका जलाने वाले हैं तो इन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
Ujjain,Madhya Pradesh
March 13, 2025, 10:49 IST
5 या 7..होलिका दहन के बाद कितनी परिक्रमा करें? जानें ये 4 नियम, बंटाेरें पुण्य
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.







