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Pehla Pradosh Vrat Date: प्रदोष व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि इस मंदिर विधि-विधान से पूजा करने से सारी दुख-दर्द दूर हो जाते हैं.
प्रदोष व्रत
हाइलाइट्स
- 27 मार्च को चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत है.
- शाम 6:36 से 8:56 तक पूजा का शुभ मुहूर्त है.
- शतभिषा नक्षत्र में पूजा से सभी संकट दूर होते हैं.
Pehla Pradosh Vrat Date: सनातन धर्म में चैत्र का माह खास माना जाता है. जहां इस महीने देवी जगत जननी जगदंबा के सभी स्वरूपों की पूजा आराधना की जाती है. तो वही इस महीने पड़ने वाले प्रदोष व्रत का महत्व भी अधिक हो जाता है सनातन धर्म में प्रदोष का व्रत भी बेहद महत्वपूर्ण होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की पूजा आराधना करने से सभी तरह की मनोकामना पूरी भी होती है.
साथ ही जीवन में दुखों का नाश भी होता है. तो चलिए इस रिपोर्ट में समझते हैं कि चैत्र माह का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और क्या है शुभ मुहूर्त .
कब है पहला प्रदोष व्रत?
अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 27 मार्च को 1:42 शुरू होकर इसका समापन रात्रि 11:03 पर होगा त्रयोदशी तिथि पर महादेव और माता पार्वती की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. 27 मार्च को प्रदोष का व्रत रखा जाएगा और इसी दिन शाम 6:36 से लेकर 8:56 तक पूजा का शुभ मुहूर्त है. इस अवधि में पूजा करने से भगवान शंकर और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
हर मन्नत होती है पूरी
इसके अलावा इस दिन कुछ दुर्लभ संयोग का निर्माण भी हो रहा है. प्रदोष व्रत के दिन शतभिषा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है. इस योग में भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करने से सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं. सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है हर मनोकामना भी पूरी होती है.
March 18, 2025, 12:54 IST
कब है पहला प्रदोष व्रत? बन रहा है बेहद खास योग, परेशानियों से मिलेगा छुटकारा!






