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Vastu Tips: भूलकर भी घर की इस दिशा में न रखें जूते-चप्पल, पाई-पाई के लिए हो सकते हैं मोहताज!


Vastu Tips: घर में जूते-चप्पल भूलकर भी गलत स्थान पर नहीं रखने चाहिए, क्योंकि यह वास्तु दोष उत्पन्न करते हैं और घर में दरिद्रता का कारण बन सकते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में हर वस्तु का एक निश्चित स्थान और दिशा होती है, क्योंकि हर वस्तु से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है. अधिकतर लोग घर के अंदर भी जूते-चप्पल पहनकर घूमते हैं और इन्हें कहीं भी रख देते हैं. लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना सही नहीं है. वास्तु शास्त्री अंशुल त्रिपाठी से जानते हैं जूते-चप्पल रखने की सही दिशा कौन-सी होती है और किन दिशाओं में इन्हें रखना अशुभ माना जाता है.

किन दिशाओं में जूते-चप्पल रखना अशुभ होता है?

  • उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण)
  • यह दिशा सबसे पवित्र मानी जाती है, क्योंकि यहां देवताओं का वास होता है.
  • यहां जूते-चप्पल रखने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक संकट उत्पन्न हो सकता है.
  • इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और खाली रखना चाहिए.

उत्तर दिशा

  • उत्तर दिशा में भगवान कुबेर का निवास होता है, जो धन-संपत्ति के देवता हैं.
  • इस दिशा में जूते-चप्पल रखने से घर में धन की कमी हो सकती है और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

घर का मध्य भाग

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मध्य भाग को ब्रह्मस्थान कहा जाता है.
  • यह ऊर्जा का केंद्र होता है और घर के सभी कमरों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार यहीं से होता है.
  • यहां जूते-चप्पल रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जिससे घर के सदस्यों को बीमारियां और मानसिक तनाव हो सकता है.

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पूर्व दिशा

  • इस दिशा के स्वामी सूर्यदेव हैं, जो ज्ञान, ऊर्जा और उन्नति के प्रतीक हैं.
  • इस दिशा में जूते-चप्पल रखे जाएं तो सूर्यदेव का अपमान होता है और सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है.
  • साथ ही, सूर्य की रोशनी जब इन जूतों-चप्पलों से होकर घर में प्रवेश करती है तो नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में फैल सकती है.

दक्षिण-पूर्व दिशा (अग्नि कोण)

  • इस दिशा में अग्निदेव का वास होता है.
  • यहां जूते-चप्पल रखे जाएं तो अग्निदेव का अपमान होता है और घर में तनाव और अशांति बढ़ सकती है.
  • यह धन और सुख-समृद्धि को भी प्रभावित कर सकता है.

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किन दिशाओं में जूते-चप्पल रखना शुभ होता है?

  • पश्चिम दिशा
  • इस दिशा में जूते-चप्पल रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा नियंत्रित रहती है.
  • अगर आप चाहते हैं कि घर में शांति और समृद्धि बनी रहे, तो जूते-चप्पल हमेशा पश्चिम दिशा में रखें.

दक्षिण-पश्चिम दिशा

  • यह दिशा वास्तु के अनुसार स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक है.
  • पश्चिम दिशा में जूते-चप्पल रखना संभव न हो, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं.
  • इस दिशा में जूते-चप्पल रखने से कोई वास्तु दोष उत्पन्न नहीं होता.

जूते-चप्पल से जुड़े अन्य वास्तु टिप्स

मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पल न रखें: इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है और देवी-देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिलता.

सोने के बिस्तर के पास जूते-चप्पल न रखें: इससे मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

पुराने और फटे-पुराने जूते-चप्पल घर में न रखें: इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर में दरिद्रता आती है.

जूते-चप्पल हमेशा सुव्यवस्थित रखें: बिखरे हुए जूते-चप्पल रखने से शनि दोष बढ़ सकता है.

उल्टे पड़े जूते-चप्पल: अगर जूते-चप्पल उल्टे पड़े हों, तो यह अशुभ संकेत होता है और घर में नकारात्मक ऊर्जा फैलती है. हमेशा जूते-चप्पल को सीधे और व्यवस्थित रूप से किसी कोने में रखें.


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