Last Updated:
Hanuman Janmotsav : इस बार पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:22 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल को सुबह 5:23 बजे तक रहेगी. इसलिए उदया तिथि के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को ही मनाना उचित होगा.
12 अप्रैलको मनाया जाएगा हनुमान जन्मोत्सव
हाइलाइट्स
- हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को मनाया जाएगा
- पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:22 बजे से शुरू होगी
- हनुमान स्तोत्र पाठ से संकटों से मुक्ति मिलती है
अजमेर. हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है.यह दिन भगवान हनुमान के जन्म की खुशी में समर्पित होता है. इस साल हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल 2025, शनिवार को है. मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने से संकटों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति व खुशहाली आती है.
संकटों से मुक्ति पाने के लिए करते हैं हनुमान जी का स्मरण
पंडित पवन कुमार ने Bharat.one को बताया कि हनुमान जन्मोत्सव का पर्व न केवल हनुमान जी के जन्म का उत्सव है, बल्कि यह एक अवसर है जब भक्त अपने जीवन के संकटों से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी का स्मरण करते हैं. यह दिन हमें शक्ति, साहस और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.
3.22 बजे से शुरू होगी पूर्णिमा तिथि
पंडित कुमार ने आगे बताया कि इस वर्ष हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा.इस बार पूर्णिमा तिथि 12 अप्रैल को सुबह 3:22 बजे से शुरू होकर 13 अप्रैल को सुबह 5:23 बजे तक रहेगी. इसलिए उदया तिथि के अनुसार हनुमान जन्मोत्सव 12 अप्रैल को ही मनाना उचित होगा.
श्री हनुमान स्तोत्र पाठ का है विशेष महत्व
पंडित पवन कुमार ने बताया कि हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान स्तोत्र पाठ का विशेष महत्व होता है. इस पाठ को करने से जीवन में चल रही समस्त परेशानियां दूर होती है और यह स्त्रोत भगवान हनुमान की असीम शक्ति, भक्ति और कृपा को आकर्षित करने का एक सशक्त माध्यम है. इसलिए इस स्तोत्र का पाठ ना सिर्फ संकटों को टालता है बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है.







