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Waste to Wonder Park: लखीमपुर खीरी में ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क बना है, जहां कबाड़ से सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं. नगर पालिका अध्यक्ष ने बताया कि पुरानी ठेलिया, टायर, बोतलें आदि का उपयोग हुआ है.
Waste to Wonder Park
हाइलाइट्स
- लखीमपुर में ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क बना है.
- कबाड़ से सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं.
- पुरानी ठेलिया, टायर, बोतलें आदि का उपयोग हुआ है.
Waste to Wonder Park: यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में एक अनोखा पार्क बनाया गया है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं. घर से निकलने वाले छोटे-छोटे अनुपयोगी सामान का इस्तेमाल करके सुंदर कलाकृतियां बनाई जा सकती हैं. यानी कि वेस्ट से बेस्ट बनाया जा सकता है. इसका एक उदाहरण लखीमपुर शहर में नगर पालिका द्वारा तैयार किया गया ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क है. इस पार्क को कबाड़ के सामान से सजावटी रूप में सजाया गया है. यहां पानी पीने के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक की बोतलों को काटकर उनमें मिट्टी भरकर छोटे-छोटे पौधे लगाए गए हैं, जो अब गमलों के रूप में दीवारों पर सजाए गए हैं. बेकार टायरों को रंग करके और चित्रकारी करके पार्क की सुंदरता बढ़ाई गई है. इन टायरों का बहुत ही सुंदर तरीके से इस्तेमाल किया गया है.
नगर पलिका अध्यक्ष ने दी जानकारी
नगर पालिका अध्यक्ष लखीमपुर डॉ इरा श्रीवास्तव ने Bharat.one से बातचीत में बताया कि नगर पालिका प्रशासन ने कबाड़ में पड़ी चीजों को इस्तेमाल कर लखीमपुर शहर में एक सुंदर पार्क बनाया है. यह पार्क नगर पालिका परिसर के पीछे स्थित है. इस वेस्ट टू वंडर पार्क को सजाने के लिए कोई नई सामग्री नहीं खरीदी गई है, बल्कि कबाड़ से बेकार और अनुपयोगी सामान का ही उपयोग किया गया है.
पार्क की खासियत
इस पार्क को बनाने के लिए पुरानी ठेलिया गाड़ियों के टायर, ड्रम, बोतलें, पुराने सिंटेक्स, पेड़ की कटी जड़ें उपयोग की गई हैं. बैठने के लिए इन्हें ही स्टॉल के रूप में इस्तेमाल किया गया है. अगर कोई व्यक्ति यहां की सुंदरता निहारना चाहता है, तो इन्हीं पर बैठ सकता है. बच्चों के लिए झूले और बैठने के लिए बेंच भी पुरानी सामग्रियों से बनाई गई हैं. पार्क में हरियाली का एहसास दिलाने के लिए पौधारोपण और घास भी लगाई गई है.
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