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Chandra Grahan 2025: साल का आखिरी चंद्रग्रहण आज, इन खास मंत्रों का करें जाप, मिलेगा मानसिक बल और शांति


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Chandra Grahan 2025 Timing: साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण आज रात को लगेगा, जो कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में पड़ रहा है. इस दौरान सूतक काल दोपहर 12:57 से लागू होगा. ग्रहण काल में धार्मिक नियमों का पालन क…और पढ़ें

Chandra Grahan 2025 Timing: साल 2025 का आख़िरी चंद्रग्रहण आज, यानी 7 सितंबर की रात को लगने जा रहा है. यह न केवल खगोलीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी विशेष माना जा रहा है. ज्योतिषाचार्य पंडित धीरज उपाध्याय के अनुसार, यह चंद्रग्रहण रात 9:57 बजे आरंभ होगा और 8 सितंबर की रात 1:27 बजे समाप्त होगा. ग्रहण की कुल अवधि लगभग तीन घंटे तीस मिनट की रहेगी. इस खगोलीय घटना से पहले सूतक काल दोपहर 12:57 बजे से ही प्रारंभ हो जाएगा, जिसका धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विशेष महत्व है.

सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ, भोजन, जल ग्रहण तथा कोई भी शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इस दौरान आत्मशुद्धि और साधना को अत्यधिक फलदायी माना जाता है.पंडित धीरज शर्मा बताते हैं कि चंद्रग्रहण के दौरान किया गया मंत्रजाप और धार्मिक पाठ सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक फल देता है. विशेषकर गुरु मंत्र का जाप इस समय अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है. इसके अलावा सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और भगवद्गीता का पाठ भी अत्यंत पुण्यदायी होता है. ग्रहण का यह विशेष समय आत्मिक शुद्धि, ध्यान और भक्ति के लिए एक श्रेष्ठ अवसर प्रदान करता है.

ग्रहण काल में जाप और पाठ करना होता है फलदायी 

पंडित धीरज शर्मा बताते हैं कि ग्रहण काल में मंत्रजाप और पाठ का विशेष महत्व होता है. उनका कहना है कि इस समय किया गया जाप और पाठ कई गुना फलदायी माना जाता है. खासकर गुरु मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए. इसके साथ ही सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ भी अत्यंत शुभ माना गया है. ध्यान देने योग्य बात यह है कि ग्रहण के दौरान ठाकुर जी या देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करके दान-पुण्य करना श्रेष्ठ माना जाता है. बता दें कि यह चंद्रग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में लग रहा है. ऐसे में कुंभ राशि और इस नक्षत्र में जन्मे जातकों को आज विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. ज्योतिषाचार्य का कहना है कि ग्रहण काल में इन जातकों को घर से बाहर जाने से बचना चाहिए और ध्यानपूर्वक इन तीन ग्रहों का मंत्रजाप करना चाहिए.

चंद्र मंत्र : ॐ सों सोमाय नमः

राहु मंत्र : ॐ रां राहवे नमः

शनि मंत्र : ॐ शं शनैश्चराय नमः

मंत्रों के जाप से नाकारात्मकता होगी दूर

इन तीनों मंत्रों का जाप करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. विशेष रूप से आज कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र वाले जातकों के लिए यह मंत्रजाप लाभकारी सिद्ध होगा. ज्योतिष आचार्य पं धीरज शर्मा का कहना है कि ग्रहण काल को केवल अशुभ नहीं बल्कि आध्यात्मिक साधना और मंत्रोच्चारण का उत्तम समय माना जाता है. सही तरीके से मंत्रजाप करने पर व्यक्ति को शांति, ऊर्जा और मानसिक बल मिलता है.

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कुंभ राशि वाले बरतें विशेष सावधानी, ग्रहण काल में करें ये उपाय

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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