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Diwali 2025: गोबर में होता है लक्ष्मी का वास! दिवाली पर इस तरह जलाएं इसका खास दीपक, घर में आएगी खुशहाली


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Diwali Par Gobar ka Deep Jalane ke Fayde: दिवाली पर अगर आप घर को रोशनी और समृद्धि से भरना चाहते हैं तो इस बार गोबर से बने दीपक जरूर जलाएं. मान्यता है कि इसमें मां लक्ष्मी का वास होता है और इससे घर-आंगन में सकारात्मक ऊर्जा के साथ सुख-समृद्धि और शांति आती है. खास बात यह है कि ये दीपक वातावरण को भी शुद्ध करते हैं और पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल होते हैं.

ऋषिकेश: दीपावली भारत में खुशियों और उत्साह का पर्व है. इस दिन लोग अपने घरों और आंगनों को दीपों से सजाकर अंधकार को दूर करते हैं और रोशनी व समृद्धि का स्वागत करते हैं. परंपरागत रूप से लोग मिट्टी के दीये (Diwali Festival) जलाते हैं, लेकिन इस बार आप अपने घर को और अधिक शुभ और पवित्र बनाने के लिए एक अनोखी परंपरा अपना सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाय के गोबर से बने दीपक जलाना बेहद फलदायी माना जाता है. कहा जाता है कि गोबर में मां लक्ष्मी का वास होता है और इससे बने दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति आती है.

गोबर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
पुजारी शुभम तिवारी ने Bharat.one से बातचीत में बताया कि भारतीय संस्कृति में गाय को ‘गौ माता’ का दर्जा प्राप्त है. शास्त्रों में वर्णन है कि गाय का दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर पंचगव्य कहलाते हैं और ये अत्यंत पवित्र माने जाते हैं. मान्यता यह भी है कि गाय गोबर शुद्ध होता है और उसमें लक्ष्मी का वास माना जाता है. यही कारण है कि गोबर से बने कंडे, उपले और दीपक पूजा-पाठ और यज्ञों में उपयोग किए जाते हैं. दीपावली पर जब गोबर के दीपक जलाए जाते हैं तो घर-आंगन में सिर्फ रोशनी ही नहीं फैलती, बल्कि वातावरण भी शुद्ध हो जाता है. गोबर में प्राकृतिक जीवाणुनाशक (antibacterial) गुण पाए जाते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं. इसके साथ ही ये पूरी तरह प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल होते हैं, जिससे पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचता.

गोबर से दीपक बनाने का आसान तरीका
गोबर से दीपक बनाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी खास साधन की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले ताजा गाय का गोबर इकट्ठा करें और उसे अच्छे से गूंथ लें. चाहें तो इसमें थोड़ी मिट्टी या आटे का गीला मिश्रण भी मिलाया जा सकता है, जिससे दीपक और मजबूत बनेंगे. फिर हाथ से छोटे-छोटे दीपक का आकार दें, जैसे सामान्य मिट्टी के दीयों का होता है. इन्हें धूप में 2-3 दिन के लिए सूखने के लिए रख दें ताकि ये कठोर हो जाएं. सूखने के बाद दीपकों में सरसों का तेल या घी डालें और सूती बाती रखकर जलाएं.
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Seema Nath

पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में Bharat.one हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.

पिछले 5 साल से मीडिया में सक्रिय, वर्तमान में Bharat.one हिंदी में कार्यरत. डिजिटल और प्रिंट मीडिया दोनों का अनुभव है. मुझे लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें लिखना और पढ़ना पसंद है.

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दिवाली पर जलाएं गोबर का खास दीपक, घर में आएगी खुशहाली

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