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Bharatpur Street Food: भरतपुर की सुबह की पहचान है 10 रुपए में मिलने वाली गरमागरम छोटी कचौड़ियां और खट्टी-तीखी कढ़ी. यह नाश्ता सस्ता, स्वादिष्ट और भरपेट होता है. हर दिन बड़ी कढ़ाई में कचौड़ियां ताजी तली जाती हैं और मसालेदार कढ़ी के साथ परोसी जाती हैं, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं.
भरतपुर: भरतपुर सुबह के वक्त शहर की गलियों में फैली सुगंध जैसे ही लोगों की नाक तक पहुंचती है. वे खुद-ब-खुद खिंचे चले आते हैं. यह खुशबू किसी और चीज की नहीं बल्कि भरतपुर की मशहूर छोटी कचौड़ियों की होती है. यहां का यह नाश्ता सिर्फ खाने की चीज नहीं रहा बल्कि भरतपुर की पहचान बन चुका है. शहर के कई इलाकों में सुबह होते ही कढ़ाही में चढ़ता गर्म तेल और उसमें छनकती छोटी-छोटी कचौड़ियों की आवाज एक अलग ही माहौल बना देती है.
सबसे खास बात यह है कि यहां ₹10 में चार कचौड़ियां मिल जाती हैं.बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम इन कचौड़ियों को खास भरतपुरी कढ़ी के साथ परोसा जाता है. जो इनके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह का दिन इन कचौड़ियों से ही शुरू होता है. शहर के लोग कढ़ी के साथ इनका मज़ा लेते हैं. तो वहीं आसपास के गांवों और बाहरी पर्यटक भी इस स्वाद के दीवाने हैं. पर्यटकों के लिए यह सिर्फ नाश्ता नहीं बल्कि भरतपुर की संस्कृति और परंपरा का स्वाद होता है.
छोटी कचौड़ी न खाओ तो समझो यात्रा अधूरी
कई पुराने दुकानदार बताते हैं कि यह परंपरा दशकों पुरानी है. पहले यह नाश्ता केवल स्थानीय बाजारों तक सीमित था लेकिन अब सोशल मीडिया और पर्यटकों की वजह से भरतपुर की छोटी कचौड़ी की चर्चा जयपुर, आगरा, मथुरा और दिल्ली तक पहुंच चुकी है. लोग कहते हैं. भरतपुर आओ और छोटी कचौड़ी न खाओ तो समझो यात्रा अधूरी रह गई इस कचौड़ी की खासियत इसके घरेलू मसालों और देसी जैसी महक में छिपी है. कचौड़ी बनाने वाले बताते हैं कि आटा गूंधने से लेकर तलने तक हर चरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही कारण है कि इनका स्वाद सालों से एक जैसा बना हुआ है.
लोगों की सुबह की खुशी बन चुकी
भरतपुर में सुबह-सुबह किसी भी नुक्कड़ या सड़क किनारे दुकान पर आपको गर्मागर्म कचौड़ियां छनती हुई मिल जाएंगी लोगों की लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि यह सिर्फ नाश्ता नहीं बल्कि लोगों की सुबह की खुशी बन चुकी है. कह सकते हैं कि भरतपुर की यह छोटी कचौड़ी अब सिर्फ एक पकवान नहीं बल्कि शहर की स्वादभरी परंपरा और लोकल गर्व का प्रतीक बन चुकी है. जो हर सुबह भरतपुर की गलियों को महकाती रहती है.
With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion, career, politica…और पढ़ें
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