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इस रेवड़ी को बनाने वाले कुलदीप, जो हर साल बरेली से अपनी टीम के साथ सहरसा आते हैं. वह बताते हैं कि ठंड का मौसम में उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता, पूरे जोश और उमंग के साथ वे सड़क पर रेवड़ी लेकर निकल पड़ते है और अनोखे गीत गाकर लोगों को अपने और खींचते है.
सहरसा. सहरसा की गलियों में इन दिनों ठंड के मौसम के साथ एक और चीज ने गर्माहट भर दी है और वो है बरेली की मशहूर रेवड़ी मिठाई. रेवड़ी नाम तो आपने बहुत बार सुना होगा, मगर सहरसा में इन दिनों इसकी डिमांड कुछ अलग ही देखने को मिल रही है, हर किसी की ज़ुबान पर बस एक ही शब्द है वाह क्या मिठाई है. इस रेवड़ी को बनाने वाले कुलदीप, जो हर साल बरेली से अपनी टीम के साथ सहरसा आते हैं वह बताते हैं कि ठंड का मौसम में उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता. पूरे जोश और उमंग के साथ वे सड़क पर रेवड़ी लेकर निकल पड़ते हैं और अनोखे गीत गाकर लोगों को अपनी और खींचते हैं और अनोखे अंदाज़ में गाना गाकर रेवड़ी मिठाई बेचते हैं. उनकी आवाज़, ताल और मिठाई का स्वाद तीनों मिलकर एक ऐसा माहौल बना देता हैं कि राहगीर खुद को रोक ही नहीं पाते.
कुलदीप मुस्कुराते हुए कहते हैं कि ठंड के मौसम में रेवड़ी की मांग बहुत बढ़ जाती है. हम लोग बरेली से हर साल यहां आते हैं. खुद अपने हाथों से रेवड़ी तैयार करते हैं और यहीं बेचते हैं. यहां के लोग हमारा खूब साथ देते हैं और काफी पसंद भी करते हैं. यह रेवड़ी किसी आम बाजार में मिलने वाली मिठाई जैसी नहीं है, इसे तैयार करने में काफी मेहनत और कौशल लगता है. रेवड़ी बनाने की शुरुआत होती है सूजी, तिल, खास किस्म की चीनी और खुआ को सही मात्रा में मिलाने से होता है. हर एक सामग्री को ध्यान से भूनकर एक परफेक्ट टेक्सचर दिया जाता है, फिर इन्हें छोटे-छोटे गोल आकार में डालकर रेवड़ी तैयार की जाती है. बनते समय तिल और घी की खुशबू ऐसी होती है कि किसी का भी मन ललचा जाता है,
सड़क पर चलता-फिरता मनोरंजन
कुलदीप की टीम का अंदाज और भी खास है, वे सिर्फ मिठाई ही नहीं बेचते, बल्कि एक तरह से सड़क पर चलता-फिरता मनोरंजन भी पेश करते हैं. लोग मुस्कुराते हुए रुकते हैं. बच्चों की भीड़ लग जाती है, और साथ ही साथ रेवड़ी की बिक्री भी बढ़ जाती है. हर एक ग्राहक के लिए वे ताजा बनी हुई रेवड़ी पैक करते हैं और साथ में गाना गाते हुए कहते हैं बरेली की मशहूर रेवड़ी, एक बार खाओगे तो बार-बार आओगे.
मौसम की ठिठुरन और रेवड़ी की मिठास
एक ग्राहक उत्साहित होकर कहते हैं ये रेवड़ी की मिठास और इसमें घुला हुआ तिल का स्वाद ऐसा लगता है जैसे बचपन की यादें वापस लौट आई हो सच में खाने के बाद बस तारीफ ही निकलती है. ठंड के मौसम में जहां लोग गर्म चाय, मूंगफली और गजक का मजा लेते हैं, वहीं अब बरेली की रेवड़ी भी उनकी पसंदीदा लिस्ट में शामिल हो चुकी है. मौसम की ठिठुरन और रेवड़ी की मिठास दोनों मिलकर एक अनोखा अनुभव बना देते हैं.

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/recipe-bareillys-rewadi-huge-craze-in-saharsa-winter-special-sweet-local18-9859141.html







