Fig vegetarian or non vegetarian: अंजीर यानी Fig, एक ऐसा फल है जिसे हम बचपन से सामान्य फल की तरह खाते आए हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी वीडियो वायरल हो जाती हैं जिनमें कहा जाता है कि अंजीर नॉन-वेज होती है. इस बात से लोग कंफ्यूज हो जाते हैं कि आखिर अंजीर वेज है या नहीं. खासकर उन लोगों के लिए यह सवाल और भी बड़ा हो जाता है जो सख्त वेज डाइट फॉलो करते हैं. सच तो यह है कि अंजीर के अंदर क्या होता है, उसका पेड़ किस तरह फल देता है और परागण यानी पराग-प्रक्रिया कैसे होती है, ये सब बातें बहुत कम लोग जानते हैं. इसलिए अक्सर अधूरी जानकारी की वजह से लोग गलत नतीजे पर पहुंच जाते हैं. आज की इस स्टोरी में हम आपको बहुत सिंपल भाषा में, ट्रेंडिंग तरीके से और 700 से ज्यादा शब्दों में बताएंगे कि अंजीर को लेकर इतना विवाद क्यों है, असलियत क्या है और क्या इसे वेज माना जाए या नॉन-वेज. पहला ही पैराग्राफ लंबा रख रहे हैं ताकि आपको पूरा कॉन्टेक्स्ट मिल जाए और कंफ्यूजन खत्म हो जाए.
अंजीर के अंदर क्या होता है और लोग क्यों डर जाते हैं
अंजीर बाहर से एक सामान्य फल लगता है, लेकिन इसका अंदरूनी ढांचा बाकी फलों से काफी अलग होता है. अंजीर में जो छोटे-छोटे दाने जैसे बीज दिखते हैं, उन्हें देखकर लोग सोचते हैं कि इसमें कोई कीड़ा फंसा हुआ है. कुछ वीडियो में दावा किया जाता है कि अंजीर के अंदर मरकर कीड़ा पड़ा होता है, इसलिए इसे नॉन-वेज कहना चाहिए. लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है. असल में अंजीर एक ऐसा फल है जिसका परागण एक खास तरह की ततैया (फिग वॉस्प) के जरिए होता है और इस प्रक्रिया को समझे बिना कोई भी अंजीर के बारे में फैसला नहीं कर सकता.

फिग वॉस्प क्या करती है और क्यों जरूरी है
अंजीर के पेड़ पर फूल बाहर की तरफ नहीं खिलते. इनके फूल फल के भीतर ही होते हैं. इन फूलों तक पहुंचने के लिए फिग वॉस्प एक बहुत छोटे से छेद से फल के अंदर जाती है. वहां जाकर वह पराग-क्रिया करती है और इसी वजह से फल ठीक तरह से तैयार हो पाता है. यह प्रकृति का एक सुंदर उदाहरण माना जाता है क्योंकि पेड़ और यह छोटी ततैया एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं. लेकिन कई बार यह ततैया अंजीर के अंदर फंस जाती है और बाहर नहीं निकल पाती. यही कारण है कि कुछ लोग इसे नॉन-वेज समझ लेते हैं.

क्या सच में ततैया फल के अंदर रह जाती है? यहां है सच
हां, कुछ मामलों में ततैया अंदर फंसकर मर जाती है. लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि वह आपकी प्लेट तक पहुंचती है. अंजीर के अंदर मौजूद एक खास प्रकार का एंजाइम (जिसे फिसिन कहते हैं) उस ततैया को पूरी तरह गलाकर समाप्त कर देता है. यानी वह कीड़ा जैसा कुछ भी पहचानने लायक रूप में नहीं बचता. अंजीर उसे पूरी तरह प्राकृतिक प्रोटीन में बदल देता है. जब तक अंजीर खाने लायक बनता है, उसके अंदर किसी भी तरह का कीड़ा मौजूद नहीं होता. इसलिए इसे नॉन-वेज कहना वैज्ञानिक रूप से बिल्कुल गलत है.

क्या अंजीर को शाकाहारी माना जाता है? बिल्कुल हां
दुनिया की लगभग सभी खाद्य एजेंसियां, वैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ अंजीर को पूरी तरह शाकाहारी फल मानते हैं. भारत में भी अंजीर हर जगह वेज कैटेगरी में ही रखा जाता है क्योंकि इसमें किसी भी तरह का जानवर से जुड़ा पदार्थ नहीं होता. जिस ततैया का जिक्र किया जाता है, वह सिर्फ प्राकृतिक चक्र का हिस्सा है और उसका कोई भी हिस्सा फल में बचा नहीं रहता. इसलिए अंजीर को नॉन-वेज कहना गलत जानकारी पर आधारित है.
क्या अंजीर को वीगन भी माना जाता है? यहां भी जवाब हां है
वीगन लोग भी अंजीर आराम से खाते हैं क्योंकि इसमें जानवर से जुड़ा कोई पदार्थ नहीं होता. यह सही है कि इसकी पराग-क्रिया एक कीड़े से होती है, लेकिन यह प्राकृतिक प्रक्रिया है, न कि खेती या खाद्य उद्योग द्वारा जानवरों का प्रयोग. इसलिए वीगन लोग भी इसे प्लांट-बेस्ड भोजन मानते हैं.
अंजीर के फायदे जानकर आप इसे और पसंद करेंगे
- पाचन को बेहतर बनाता है
- वजन कंट्रोल में मदद करता है
- त्वचा को ग्लो देता है
- आयरन, कैल्शियम और फाइबर से भरपूर
- दिल की सेहत के लिए फायदेमंद
यानी अंजीर सिर्फ वेज ही नहीं, बल्कि एक हेल्दी सुपरफूड भी है जिसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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