Mint Benefits In Winter: पुदीना सिर्फ गर्मियों का पौधा नहीं है, बल्कि ठंड के मौसम में भी यह हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. अकसर लोग सोचते हैं कि सर्दियों में पुदीना ठंडक बढ़ाता है, लेकिन सही मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई तरह की परेशानियों से बचा सकता है. पुदीने में मौजूद औषधीय तत्व न केवल पाचन को मजबूत बनाते हैं, बल्कि सर्दी-जुकाम, गले की खराश, बंद नाक और पेट से जुड़ी समस्याओं में भी राहत पहुंचा सकते हैं. आयुर्वेद में इसे कफ संतुलन, पाचन सुधार और शरीर की प्राकृतिक सफाई के लिए बेहद उपयोगी माना गया है. इसमें मेंथॉल, विटामिन ए, आयरन, फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं. ठंड के मौसम में पाचन धीमा हो जाता है, पेट में गैस, भारीपन और खट्टे डकार जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. पुदीना इन समस्याओं को कम करने के लिए पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है. इसके अलावा पुदीना त्वचा की देखभाल, एलर्जी और खुजली में भी आराम देता है. सही मात्रा में पुदीना शामिल करने से न केवल सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है.
पुदीने में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
पुदीने में मुख्य रूप से विटामिन ए पाया जाता है, जो आंखों और त्वचा के लिए फायदेमंद है. इसके अलावा इसमें आयरन, फाइबर, फ्लेवोनॉइड्स और एंटीऑक्सिडेंट्स भी मौजूद हैं. मेंथॉल की मौजूदगी श्वसन तंत्र को खोलने में मदद करती है और बंद नाक, बलगम या गले की खराश में राहत देती है.
पुदीना और पाचन स्वास्थ्य
सर्दियों में अकसर पाचन धीमा हो जाता है. पेट में गैस, भारीपन और अपच जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. पुदीना पाचन एंजाइमों को सक्रिय करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और पेट की ऐंठन कम होती है. कुछ शोध बताते हैं कि यह इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (आईबीएस) जैसी परेशानियों में भी सहायक हो सकता है.

सर्दी-जुकाम और गले की समस्या में पुदीना
पुदीना गले और नाक की समस्याओं में भी मदद करता है. इसका मेंथॉल कफ को कम करता है और हल्का सूजन-रोधी गुण गले की खराश और सूजन को कम करता है. लोग अकसर पुदीने की पत्तियां या पुदीना तेल भाप में डालकर श्वास लेते हैं, जिससे बंद नाक खुलती है और सांस लेना आसान होता है.
त्वचा पर पुदीने का असर
सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है और कभी-कभी खुजली या जलन भी बढ़ जाती है. पुदीने में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा को ठंडक और राहत देते हैं. आयुर्वेद में इसे त्वचा की सफाई, दानों को कम करने और खुजली में आराम देने के लिए उपयोग किया जाता रहा है.

पुदीना किसे और कैसे खाना चाहिए
सर्दियों में पुदीना सीमित मात्रा में खाने के लिए सही रहता है. सलाद, चाय, सूप, सब्जी या दही के साथ इसे शामिल किया जा सकता है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फायदेमंद है, लेकिन अधिक मात्रा में लेने से पेट में गैस या ठंडक ज्यादा लग सकती है.
सावधानियां
-ज्यादा ठंडा पुदीना खाने से पेट में ऐंठन या जुकाम बढ़ सकता है.
-किसी भी पुरानी बीमारी के दौरान सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
-ताजगी से पत्तियों का इस्तेमाल करें, सुखी पत्तियों में औषधीय गुण थोड़े कम हो सकते हैं.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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