Thursday, March 5, 2026
36 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

बाजरे की रोटी के लड्डू रेसिपी सर्दियों में सेहत और स्वाद के लिए.


Last Updated:

बाजरे की रोटी से बने लड्डू स्वाद और सेहत का परफेक्ट संगम हैं, देसी घी और गुड़ के साथ तैयार ये पौष्टिक लड्डू न केवल सर्दियों में शरीर को गर्माहट और ऊर्जा देते हैं, बल्कि इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं. घर में बची रोटियों का इस्तेमाल कर बनाए जाने वाले ये लड्डू बच्चों से बुजुर्गों तक सभी के लिए स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प हैं.

बाजरे के लड्डू

बाजरे की रोटी से बने लड्डू उस परंपरा का हिस्सा हैं, जहां स्वाद और सेहत दोनों को बराबर महत्व दिया जाता है. खासकर गांवों और किसान परिवारों में सर्दियों के मौसम में ऐसे लड्डू बनाए जाते रहे हैं, जो शरीर को ठंड से बचाने के साथ-साथ दिनभर काम करने की ताकत भी देते हैं. बाजरा अपने आप में ही एक सुपरफूड माना जाता है, और जब वही बाजरे की रोटी देसी घी और गुड़ के साथ मिलती है, तो उसका स्वाद और गुण कई गुना बढ़ जाते हैं.

बाजरे के लड्डू

आज के समय में, जब लोग बाजार की मिठाइयों और प्रोसेस्ड फूड पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं, तब बाजरे की रोटी के लड्डू एक स्वस्थ और पारंपरिक विकल्प के रूप में सामने आते हैं. यह रेसिपी न सिर्फ पुराने जमाने की शुद्ध मिठाइयों की याद दिलाती है, बल्कि घर में बची हुई रोटियों का भी सदुपयोग करती है. इन लड्डुओं की खुशबू और स्वाद ऐसा होता है कि एक बार खाने के बाद बार-बार खाने का मन करता है

बाजरे के लड्डू

ग्रामीण पूजा देवी ने बताया कि बाजरे की रोटी से न केवल चूरमा, बल्कि लड्डू भी बनाया जाता है. इसके लिए आवश्यक सामग्री में बाजरे की रोटियां (अच्छी तरह चूर की हुई), देसी घी, गुड़, कटे हुए ड्राई फ्रूट्स जैसे बादाम, काजू और किशमिश, इलायची पाउडर तथा सूखा नारियल शामिल हैं.

Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

बाजरे के लड्डू

सबसे पहले, एक भारी तले की कढ़ाही या पैन में देसी घी डालें और धीमी आंच पर गर्म करें, अब इसमें गुड़ डालकर लगातार चलाते हुए इसे पूरी तरह पिघलने दें. जब गुड़ मेल्ट होकर उसमें झाग आने लगे, तब समझ लें कि गुड़ सही अवस्था में है. इस दौरान आंच धीमी रखें ताकि गुड़ जले नहीं और उसका स्वाद खराब न हो.

बाजरे के लड्डू

अब बाजरे की रोटी को हाथों से या मिक्सी में दरदरा चूर कर पैन में डाल दें, गुड़ और घी के साथ इसे लगातार चलाते हुए पकाएं. कुछ ही देर में मिश्रण चूरमे जैसा बनने लगेगा और घी अलग छोड़ने लगेगा. अब इसमें ड्राई फ्रूट्स और इलायची पाउडर मिलाएं, गैस बंद कर दें और मिश्रण को हल्का ठंडा होने दें. जब मिश्रण गुनगुना रह जाए, तब हथेलियों पर थोड़ा घी लगाकर इसके लड्डू बांध लें.

बाजरे के लड्डू

बाजरा फाइबर, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर अनाज है, जो पाचन को मजबूत करता है और शरीर में लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखता है. देसी घी और गुड़ के साथ मिलकर ये लड्डू सर्दियों में शरीर को प्राकृतिक गर्माहट देते हैं, इम्युनिटी बढ़ाते हैं और कमजोरी व थकान दूर करने में मदद करते हैं. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए ये लड्डू एक पौष्टिक और स्वादिष्ट देसी मिठाई हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

बाजरे की रोटी के लड्डू रेसिपी सर्दियों में सेहत और स्वाद के लिए


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-bajra-and-gudh-laddoo-recipe-local18-ws-kl-9966062.html

Hot this week

बदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं तो कम हो जाएगा दूध, अपनाएं यह देसी उपाय

होमवीडियोagricultureबदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं...

Topics

बदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं तो कम हो जाएगा दूध, अपनाएं यह देसी उपाय

होमवीडियोagricultureबदलते मौसम पशुओं की ऐसे करें देखभाल, नहीं...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img