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Mahakaleshwar New Yaer Darshan 2026: नए वर्ष के पहले दिन बाबा महाकाल के दर्शन करने से पुराने नकारात्मक कर्मों का प्रभाव कम होता है, नए कार्यों में विघ्न बाधाएं घटती हैं और जीवन में स्थिरता और स्पष्ट दिशा मिलती है. नए साल के आरंभ में उनके दर्शन से व्यक्ति भोग और मोह से ऊपर उठकर धर्म, संयम और सत्य के मार्ग की ओर अग्रसर होता है.

Mahakaleshwar New Yaer Darshan 2026: साल 2026 के पहले दिन यानी उज्जैन के महाकाल मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है. नए साल पर सुबह से ही भक्त बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए कोहरे में लंबी कतारों में इंतजार कर रहे हैं. हर कोई बाबा महाकाल का आशीर्वाद पाने के लिए इंतजार में रहा और जब बाबा महाकाल ने साल के पहले दिन दर्शन दिए तो भक्तों का अभिभूत हो गए. नए साल के पहले दिन बाबा का विशेष शृंगार भी किया गया, जिन्हें उज्जैन के राजा के रूप में सजाया गया. साल के पहले दिन इतने अद्भुत दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए हैं और पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है. आइए सभी भक्त मिलकर नए साल के पहले दिन बाबा महाकाल के शृंगार का दर्शन करते हैं…

नववर्ष के पहले दिन महाकाल मंदिर में पंचामृत पूजन के बाद महाकाल का राजा स्वरूप शृंगार किया गया है, जिसमें उनके मस्तक पर चांद, सूरज और त्रिशूल को अंकित किया गया है. पंचामृत पूजन में जल, फल, दूध, दही और घी से बाबा को स्नान कराया जाता है और फिर शृंगार होता है.

आज यानी गुरुवार के दिन बाबा के दर्शन बेहद अद्भुत और दुर्लभ हैं, जहां बाबा के माथे पर चांद और सूरज दोनों को एक साथ अंकित किया गया है. आज रात 11 बजे बाबा महाकाल के कपाट खुले रहेंगे और भक्त पूरे दिन बाबा के दर्शन कर पाएंगे.
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खास दिन पर बाबा महाकाल के पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल के प्रति लाखों भक्त आस्था रखते हैं और उनके लिए बीतता साल भी बाबा है और आने वाला समय भी बाबा है. इसी क्रम में बाबा महाकाल के दर पर लाखों की भीड़ उनके अद्भुत दर्शन के लिए पहुंची है. पुजारी ने बताया कि भक्त विदेशों से आकर भी दर्शन कर रहे हैं.

खास दिन पर बाबा महाकाल के पुजारी ने बताया कि बाबा महाकाल के प्रति लाखों भक्त आस्था रखते हैं और उनके लिए बीतता साल भी बाबा है और आने वाला समय भी बाबा है. इसी क्रम में बाबा महाकाल के दर पर लाखों की भीड़ उनके अद्भुत दर्शन के लिए पहुंची है. पुजारी ने बताया कि भक्त विदेशों से आकर भी दर्शन कर रहे हैं.

वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में नववर्ष के मौके पर विशेष मंगला आरती हुई और अस्सी घाट पर गंगा आरती के साथ नव वर्ष का स्वागत किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए. बाबा काशी विश्वनाथ का दूध, दही और घी से अभिषेक किया गया और फिर रुद्राक्ष और फूलों की माला से बाबा काशी विश्वनाथ के शृंगार किए गए. नववर्ष के उपलक्ष्य में काशी विश्वनाथ मंदिर भी देर रात तक खुला रहेगा. चढ़ते सूरज के मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है.

बाबा महाकाल (श्री महाकालेश्वर) स्वयं कालों के काल हैं. नए वर्ष के प्रथम दिन उनके दर्शन का विशेष आध्यात्मिक, मानसिक और कर्मफलदायी महत्व बताया गया है. महाकाल की उपासना से अकाल मृत्यु, दुर्घटना, भय और मानसिक अशांति से रक्षा होती है. नए वर्ष की शुरुआत में दर्शन करने से पूरा वर्ष काल की अनुकूलता में व्यतीत होता है.
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https://hindi.news18.com/photogallery/dharm/new-year-2026-frist-day-baba-mahakal-shringar-darshan-see-pictures-ujjain-today-mahakal-darshan-pic-ws-kl-10020568.html

















