Paush Purnima Kab Hai 2026 Date: पौष पूर्णिमा की तारीख को लेकर लोगों में कन्फ्यूजन है. कुछ लोग समझ रहे हैं कि आज पौष पूर्णिमा है और कुछ कल. लेकिन पौष पूर्णिमा कब है, आज या कल? दरअसल पौष पूर्णिमा की तिथि आज शाम को 6 बजकर 53 मिनट से शुरू हो रही है और कल भी रहेगी. ऐसे में लोग तय नहीं कर पा रहे हैं कि पौष पूर्णिमा किस दिन है. आपको समझना होगा कि पौष पूर्णिमा उदयातिथि में होती है, जबकि पौष पूर्णिमा का व्रत पूर्णिमा तिथि में उदित होने वाले चंद्रमा के समय पर निर्धारित होता है क्योंकि इस व्रत में चंद्रमा की पूजा पूर्णिमा तिथि में करना होता है. आइए जानते हैं कि पौष पूर्णिमा कब है आज या कल? पौष पूर्णिमा का मुहूर्त, स्नान समय और दान क्या करें?
पौष पूर्णिमा की सही तारीख
- पौष पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: आज, 2 जनवरी, शुक्रवार, 06:53 पी एम से
- पौष पूर्णिमा तिथि का समापन: कल, 3 जनवरी, शनिवार, 03:32 पी एम पर
पंचांग के अनुसार, आज सूर्योदय 07:14 ए एम पर हुआ है, इसलिए आज उदयातिथि में पौष शुक्ल चतुर्दशी तिथि है. पूर्णिमा शाम को लगेगी. कल 3 जनवरी को सूर्योदय 07:14 ए एम पर होगा और पूर्णिमा तिथि दोपहर में 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगी. ऐसे में पौष पूर्णिमा की उदयातिथि 3 जनवरी को प्राप्त हो रही है. इस आधार पर पौष पूर्णिमा 3 जनवरी शनिवार को है. पौष पूर्णिमा का स्नान और दान 3 जनवरी को ही होगा.
अब जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, उनके लिए चंद्रमा का पूर्णिमा तिथि में होना जरूरी है क्योंकि उनको रात में चंद्रमा को अर्घ्य देना है. ऐसे में 3 जनवरी को चंद्रोदय शाम को 05:28 पी एम पर होगा, उसके पहले ही पूर्णिमा तिथि 3:32 पीएम पर खत्म हो जा रही है. इस स्थिति में पूर्णिमा तिथि में चंद्रोदय आज 2 जनवरी को शाम 04:18 पी एम पर होगा. ऐसे में पूर्णिमा का व्रत आज है. आज रात चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाएगा.
पौष पूर्णिमा मुहूर्त
3 जनवरी को पौष पूर्णिमा का स्नान आप ब्रह्म मुहूर्त में करें. ब्रह्म मुहूर्त 05:25 ए एम से 06:20 ए एम तक है. ब्रह्म मुहूर्त का समय स्नान के लिए उत्तम माना गया है. आप ब्रह्म मुहूर्त के बाद भी पूर्णिमा का स्नान कर सकते हें, इसकी मनाही नहीं है.
पौष पूर्णिमा का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:05 पी एम से 12:46 पी एम तक है. प्रातः सन्ध्या मुहूर्त 05:53 ए एम से 07:14 ए एम तक है. शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 08:32 ए एम से लेकर सुबह 09:50 ए एम तक है. इस समय में आप पूर्णिमा का दान कर सकते हैं. स्नान के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
पौष पूर्णिमा पर क्या दान करें?
पौष पूर्णिमा का संबंध चंद्रमा से है. इस वजह से आप पौष पूर्णिमा का स्नान करने के बाद अपनी क्षमता के अनुसार चावल, दूध, शक्कर, सफेद वस्त्र, सफेद चंदन, चांदी, मोती आदि का दान कर सकते हैं. इसके अलावा आप गरम कपड़े, कंबल, अन्न, फल, शिव चालीसा आदि का दान कर सकते हैं. पौष पूर्णिमा पर दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है. चंद्र दोष दूर होता है.

















