Saturday, February 14, 2026
21 C
Surat
[tds_menu_login inline="yes" guest_tdicon="td-icon-profile" logout_tdicon="td-icon-log-out" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNiIsIm1hcmdpbi1ib3R0b20iOiIwIiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyNSIsImRpc3BsYXkiOiIifSwicG9ydHJhaXQiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiMiIsIm1hcmdpbi1sZWZ0IjoiMTYiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsImxhbmRzY2FwZSI6eyJtYXJnaW4tcmlnaHQiOiI1IiwibWFyZ2luLWxlZnQiOiIyMCIsImRpc3BsYXkiOiIifSwibGFuZHNjYXBlX21heF93aWR0aCI6MTE0MCwibGFuZHNjYXBlX21pbl93aWR0aCI6MTAxOX0=" icon_color="#ffffff" icon_color_h="var(--dark-border)" toggle_txt_color="#ffffff" toggle_txt_color_h="var(--dark-border)" f_toggle_font_family="global-font-2_global" f_toggle_font_transform="uppercase" f_toggle_font_weight="500" f_toggle_font_size="13" f_toggle_font_line_height="1.2" f_toggle_font_spacing="0.2" ia_space="0" menu_offset_top="eyJhbGwiOiIxNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTIiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMyJ9" menu_shadow_shadow_size="16" menu_shadow_shadow_color="rgba(10,0,0,0.16)" f_uh_font_family="global-font-1_global" f_links_font_family="global-font-1_global" f_uf_font_family="global-font-1_global" f_gh_font_family="global-font-1_global" f_btn1_font_family="global-font-1_global" f_btn2_font_family="global-font-1_global" menu_uh_color="var(--base-color-1)" menu_uh_border_color="var(--dark-border)" menu_ul_link_color="var(--base-color-1)" menu_ul_link_color_h="var(--accent-color-1)" menu_ul_sep_color="#ffffff" menu_uf_txt_color="var(--base-color-1)" menu_uf_txt_color_h="var(--accent-color-1)" menu_uf_border_color="var(--dark-border)" show_version="" icon_size="eyJhbGwiOjIwLCJwb3J0cmFpdCI6IjE4In0=" menu_gh_color="var(--base-color-1)" menu_gh_border_color="var(--dark-border)" menu_gc_btn1_color="#ffffff" menu_gc_btn1_color_h="#ffffff" menu_gc_btn1_bg_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn1_bg_color_h="var(--accent-color-2)" menu_gc_btn2_color="var(--accent-color-1)" menu_gc_btn2_color_h="var(--accent-color-2)" f_btn2_font_size="13" f_btn1_font_size="13" toggle_hide="yes" toggle_horiz_align="content-horiz-center" menu_horiz_align="content-horiz-center" f_uh_font_weight="eyJsYW5kc2NhcGUiOiI3MDAiLCJhbGwiOiI3MDAifQ==" f_gh_font_weight="700" show_menu="yes" avatar_size="eyJhbGwiOiIyMiIsImxhbmRzY2FwZSI6IjIxIiwicG9ydHJhaXQiOiIxOSJ9" page_0_title="My Articles" menu_ul_sep_space="0" page_0_url="#"]

मकर संक्रांति पर दुर्लभ संयोग! षटतिला एकादशी से से कई गुना बढ़ेगा स्नान-दान का फल


Last Updated:

Makar Sankranti 2026 : मकर संक्रांति इस बार बेहद खास होने जा रही है, क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है. सूर्य देव और भगवान विष्णु की संयुक्त कृपा से इस दिन किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ने की मान्यता है. मान्यता है कि इस विधि से पूजा करने पर जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

अयोध्या : सनातन धर्म में मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है. वर्ष 2026 में मकर संक्रांति और भी अधिक खास होने जा रही है, क्योंकि इस बार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही षटतिला एकादशी का दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य देव और भगवान विष्णु से जुड़ा यह योग बहुत कम देखने को मिलता है. जब एक ही दिन दोनों देवताओं की कृपा प्राप्त होती है, तो स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है.

अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि पंचांग के अनुसार 14 जनवरी 2026 को षटतिला एकादशी है और इसी दिन रात्रि में सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे. एकादशी तिथि भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती है, जबकि संक्रांति भगवान सूर्य देव से जुड़ी होती है. ऐसे में इस शुभ संयोग में पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन तिल का प्रयोग करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है.

मकर संक्रांति के दिन स्नान का शुभ मुहूर्त
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन स्नान के लिए अलग-अलग शुभ समय निर्धारित हैं. यदि सूर्योदय से पहले स्नान करना हो, तो सुबह 05:27 बजे से 06:21 बजे तक का समय उत्तम है. वहीं स्नान के लिए महापुण्यकाल दोपहर 03:13 बजे से शाम 04:58 बजे तक रहेगा. इसके अलावा पुण्यकाल दोपहर 03:13 बजे से शाम 05:44 बजे तक माना गया है. इन समयों में पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

मकर संक्रांति पर दान-पुण्य का विशेष महत्व
मकर संक्रांति के दिन दान-पुण्य का विशेष विधान है. इस दिन तिल और गुड़ का दान करने से शनि और सूर्य से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है. इसके साथ ही गरीब और जरूरतमंद लोगों को खिचड़ी का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. ठंड के मौसम को देखते हुए कंबल दान करना भी पुण्यकारी होता है और इसे मंगलकारी कर्म माना जाता है.

मकर संक्रांति की पूजा विधि
मकर संक्रांति के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर काले तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए. यदि संभव हो, तो पवित्र नदियों में स्नान करना विशेष फलदायी माना गया है. इसके बाद भगवान सूर्य देव की विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए. भगवान विष्णु को तिल के लड्डू का भोग अर्पित करें और अंत में खिचड़ी का सेवन करें. मान्यता है कि इस विधि से पूजा करने पर जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

About the Author

authorimg

mritunjay baghel

मीडिया क्षेत्र में पांच वर्ष से अधिक समय से सक्रिय हूं और वर्तमान में News-18 हिंदी से जुड़ा हूं. मैने पत्रकारिता की शुरुआत 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव से की. इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड चुनाव में ग्राउंड…और पढ़ें

homedharm

मकर संक्रांति पर दुर्लभ संयोग! षटतिला एकादशी से से कई गुना बढ़ेगा स्नान-दान…

Hot this week

Topics

सूर्यकुंड धाम हजारीबाग झारखंड धार्मिक स्थल और गर्म जल कुंड का महत्व.

हजारीबाग : झारखंड में हजारीबाग जिले के बरकट्ठा...

दीपिका पादुकोण स्टाइल रसम राइस रेसिपी आसान तरीका और खास टिप्स.

दीपिका पादुकोण कई इंटरव्यू और सोशल मीडिया वीडियोज़...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img