उज्जैन. अंग्रेजी नववर्ष की पहली पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है और इसे धर्म-कर्म का विशेष पर्व माना गया है. इस दिन पवित्र स्नान, दान और पूजा-पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि पूर्णिमा पर किए गए अच्छे कर्मों का शुभ फल कई गुना बढ़कर मिलता है. यही कारण है कि इस दिन दान का विशेष महत्व बताया गया है. उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, पौष पूर्णिमा पर यदि कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय किए जाएं, तो धन संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. पौष पूर्णिमा का यह पावन दिन आत्मिक शुद्धि के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी श्रेष्ठ अवसर है. आइए जानते हैं पहली पूर्णिमा पर कौन-सी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है और इससे क्या लाभ प्राप्त होते हैं.
पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
अंग्रेजी कैलेंडर के पहले महीने की पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा कहते हैं. यह दिन आध्यात्मिक उन्नति, मन की शांति और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. साथ ही सूर्य और चंद्रमा दोनों की उपासना इस दिन विशेष फलदायी होती है.
जरूर करें ये उपाय
1. शास्त्रों में अन्न के दान को महादान बताया गया है, इसलिए पौष पूर्णिमा के दिन चावल, गेहूं, दालें या अन्य कोई भी अनाज का दान जरूर करें. इस दान से घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती और देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं. यह दान दरिद्रता दूर करता है और परिवार में खुशहाली लाता है.
2. पौष पूर्णिमा के दिन सर्दियों का मौसम रहता है, इसलिए इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को गर्म कपड़े, कंबल या कोई भी नए वस्त्र का दान करना चाहिए. वस्त्र दान से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उसे मान-सम्मान मिलता है. यह दान शीतकालीन पूर्णिमा पर विशेष रूप से पुण्यदायी होता है.
3. पौष पूर्णिमा पर गरीबों की सेवा का शास्त्रों में विशेष महत्व है. इस दिन काले तिल और गुड़ का दान करना चाहिए. यह दान शनिदेव और सूर्यदेव को प्रसन्न करता है. तिल दान से शनि दोष दूर होते हैं और गुड़ दान से मंगल कार्यों में सफलता मिलती है.
4. साल की पहली पूर्णिमा के दिन घी और मिठाई, शुद्ध देसी घी और मीठी वस्तुओं का दान विशेष रूप से करना चाहिए. इस दान से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. यह दान घर में धन-वैभव लाता है और रिश्तों में मिठास बढ़ाता है.
5. हिंदू धर्म में गाय को माता दर्जा दिया गया है, इसलिए इस दिन गौ दान या गाय से संबंधित वस्तुएं जैसे- गाय को चारा खिलाना या गाय से संबंधित चीजें- जैसे दूध, दही आदि का दान करना चाहिए. सेवा और गौ दान को शास्त्रों में सबसे बड़ा पुण्य माना गया है. इससे सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को मनोवांछित फल मिलता है.
दान के समय ध्यान रखने योग्य बातें
दान हमेशा अपनी सामर्थ्य अनुसार ही करना चाहिए. सच्चे मन और श्रद्धा भाव से दान करना अच्छा माना जाता है. साथ ही जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान दें ताकि उसका सदुपयोग हो. दान करते समय मन में किसी प्रकार का अहंकार नहीं होना चाहिए.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Bharat.one व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.







