Italy of India : भारत में घूमने की बात हो तो हमारे दिमाग में सबसे पहले पहाड़, समुद्र और पुराने किले आते हैं. कोई ठंडी हवा के लिए हिल स्टेशन चुनता है तो कोई समंदर के किनारे सुकून ढूंढता है. जब बात महाराष्ट्र की होती है, तो आमतौर पर लोग मुंबई, पुणे, लोनावला या खंडाला का नाम लेते हैं. लेकिन इसी राज्य में एक ऐसा शहर भी है जो अपने लुक और फील की वजह से लोगों को सीधे यूरोप की याद दिला देता है. इस जगह का नाम है लवासा. लवासा को अक्सर “Italy of India” कहा जाता है. पहली बार यह नाम सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन जैसे ही आप इस शहर की तस्वीरें देखती हैं या यहां पहुंचती हैं, आपको खुद एहसास हो जाता है कि इसकी तुलना इटली से क्यों की जाती है. रंगीन इमारतें, झील के किनारे बने कैफे, पहाड़ियों से घिरा शांत माहौल और साफ-सुथरी गलियां इस जगह को बाकी हिल स्टेशनों से बिल्कुल अलग बना देती हैं.
लवासा पुणे से करीब 60 किलोमीटर दूर वेस्टर्न घाट की पहाड़ियों में बसा हुआ है. खास बात यह है कि यह कोई अपने आप विकसित हुआ शहर नहीं है, बल्कि इसे पहले से प्लान करके बनाया गया था. इसे एक मॉडर्न हिल सिटी की तरह डिजाइन किया गया, जहां रहने, घूमने और सुकून पाने की हर सुविधा मौजूद हो. इसी प्लानिंग और डिजाइन की वजह से लवासा को इटली के मशहूर सी-साइड टाउन Portofino जैसा लुक मिला और यहीं से इसे Italy of India कहा जाने लगा.
Portofino से इंस्पायर्ड लवासा का कॉन्सेप्ट
लवासा का आइडिया 2000 के शुरुआती सालों में सामने आया था. डेवलपर्स चाहते थे कि भारत में भी एक ऐसा शहर बने जो यूरोपियन टच के साथ नेचर के करीब हो. इसके लिए उन्होंने इटली के Portofino टाउन को चुना, जो अपनी रंगीन इमारतों और वॉटरफ्रंट व्यू के लिए जाना जाता है.
इसी सोच के साथ लवासा को डिजाइन किया गया. यहां की इमारतें हल्के और सॉफ्ट रंगों में बनाई गईं, गलियों को खुला और पैदल घूमने लायक रखा गया और झील के किनारे बैठने की खास जगहें तैयार की गईं. पहाड़ियों के बीच बसे होने की वजह से यहां का मौसम भी ज्यादातर सुहावना रहता है.
इटली जैसी दिखने वाली रंगीन इमारतें
लवासा का सबसे मशहूर हिस्सा है Dasve Lake और उसका वॉटरफ्रंट एरिया. यही वो जगह है जहां आपको सबसे ज्यादा इटली वाला एहसास होता है. यहां की इमारतों को टेराकोटा, पीच, मस्टर्ड, ऑलिव ग्रीन और ब्रिक रेड जैसे रंगों में रंगा गया है.
ये रंग बिल्कुल वैसे ही हैं जैसे इटली के छोटे शहरों और गांवों में देखने को मिलते हैं. जब ये रंग झील के पानी में रिफ्लेक्ट होते हैं, तो नजारा और भी खूबसूरत लगने लगता है. पहली बार आने वाले कई लोग तो यकीन ही नहीं कर पाते कि वो भारत में हैं.
सिर्फ रंग नहीं, डिजाइन भी है खास
लवासा का इटली जैसा लुक केवल रंगों की वजह से नहीं है. यहां की इमारतों में मेडिटेरेनियन स्टाइल साफ नजर आता है. छोटी-छोटी बालकनियां, आर्च वाले दरवाजे, टाइल्स की छतें और कैफे स्टाइल बैठने की जगहें इस शहर को अलग पहचान देती हैं.
यहां की गलियां भी चौड़ी रखी गई हैं ताकि लोग आराम से पैदल घूम सकें. झील के किनारे चलते हुए कॉफी पीना या शाम के समय बैठकर पहाड़ियों को निहारना यहां के सबसे पसंदीदा अनुभवों में से एक है.

यूरोपियन रिजॉर्ट टाउन जैसा माहौल
लवासा का माहौल इसे और भी खास बना देता है. यहां बड़े शोर-शराबे वाली भीड़ नहीं होती. छोटे होटल, कैफे, वॉटरफ्रंट पर बनी बैठने की जगहें और आसपास फैली हरियाली मिलकर इसे एक शांत रिजॉर्ट टाउन जैसा बना देती हैं. यही वजह है कि लोग यहां वीकेंड पर सुकून के लिए आते हैं.

क्यों कहा जाता है Italy of India
लवासा को Italy of India कहे जाने के पीछे कई कारण हैं.
-Portofino जैसा रंगीन डिजाइन
-यूरोपियन स्टाइल वॉटरफ्रंट
-झील, पहाड़ और कैफे का खूबसूरत कॉम्बिनेशन
-पहले से प्लान किया गया मॉडर्न हिल सिटी लुक
लवासा कैसे पहुंचें
दिल्ली से लवासा की दूरी करीब 1200 किलोमीटर से ज्यादा है. सबसे आसान तरीका है फ्लाइट से पुणे पहुंचना और वहां से कैब लेकर लवासा जाना. सड़क रास्ते से पुणे से लवासा पहुंचने में लगभग 2 से 3 घंटे लगते हैं. बजट में यात्रा करना चाहती हैं तो ट्रेन से मुंबई या पुणे पहुंचकर आगे का सफर कैब से किया जा सकता है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/travel-lavasa-is-known-as-italy-of-india-know-the-secret-behind-why-it-ws-e-10062815.html







