Last Updated:
Ranchi Villages Special Sabji: झारखंड की राजधानी रांची के गांवों में आपको एक खास तरह की सब्जी पानी के भीतर डाली हुई नजर आएगी. दरअसल, यह सब्जी बांस किरील है. जी हां. यह छोटे-छोटे बांस होते हैं, उसके छोटे-छोटे टुकड़े को बांस किरील कहते हैं. इसकी सब्जी खाने में काफी शानदार लगती है. आप मटन भूल जाएंगे, ऐसा इसका टेस्ट होता है.

रांची के सुकुरहुत्तु गांव के निवासी राम बताते हैं कि इसको हम लोग 12 महीने तक स्टोर करके रखते हैं. इसमें न तो फ्रिज की जरूरत पड़ती है और न ही किसी प्रिजर्वेटिव की जरूरत होती है.

दरअसल, बांस को पानी काफी पसंद होता है. आप इसको एक बड़े कंटेनर में, जिसमें आप अचार रखते हैं या जिसे टाइट बंद करके रखा जा सके, उसमें साधारण पानी डाल दीजिए. फिर उसमें बांस किरील के छोटे-छोटे टुकड़े डाल दीजिए, जितना डालना चाहते हैं उतना डाल दीजिए.

ऐसा करने पर यह 12 महीने तक खराब नहीं होता. जब भी आपको इसकी सब्जी बनाने का मन हो या अचार बनाने का मन हो, उतनी ही मात्रा निकाल लीजिए और आराम से बनाकर खाइए. हम लोग इसे खासतौर पर मेहमानों के लिए रखते हैं. जब कोई खास लोग आ जाते हैं तो इसकी सब्जी बनाते हैं. इससे हमें बाजार दौड़ने की जरूरत नहीं पड़ती.
Add Bharat.one as
Preferred Source on Google

उन्होंने आगे बताया कि खासतौर पर इसका जो स्वाद है, उसके सामने मटन भी फेल हो जाता है. इसमें एकदम मुर्गा और मटन जैसा स्वाद आता है. यही कारण है कि जब कोई खास मेहमान आते हैं तो हम लोग इसी से सब्जी निकालकर बनाते हैं. इससे हमारा पैसा और समय दोनों बचता है और एकदम टेस्टी और लाजवाब सब्जी परोसी जाती है.

आप कह सकते हैं कि यह हमारे गांव का फाइव स्टार खाना है. कई बार तो कुछ लोग सिर्फ इसी को खाने के लिए आते हैं. यह सालों तक ताजा रहता है. जब भी निकालिए, तब फ्रेश. साथ ही इसमें प्रोटीन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. बताया जाता है कि इसमें 100 ग्राम में 40 से 50 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है. ऐसे में अगर आप एक वक्त में सिर्फ इसकी सब्जी खा लें, तो आपका दिन भर का प्रोटीन इनटेक पूरा हो सकता है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/photogallery/lifestyle/recipe-bamboo-shoot-vegetable-a-special-dish-made-on-special-occasions-in-the-villages-of-jharkhand-10113517.html

















