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Panch Sarovar of India: हिंदू परंपरा में ये पांच पवित्र सरोवर आत्मशुद्धि, तप और मोक्ष से जुड़े हुए हैं. अलग-अलग ग्रंथों व स्थानीय मान्यताओं में इनके नामों में थोड़ा अंतर मिलता है, लेकिन भाव एक ही है. पांच पवित्र जलस्रोत, पांच आध्यात्मिक गुण. कई आचार्य पंच सरोवरों को पंचमहाभूत पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश का प्रतीक मानते हैं. इनका दर्शन/स्मरण साधक को संतुलन और पूर्णता की ओर ले जाता है.

Panch Sarovar of India: भारत की आध्यात्मिक परंपरा में जल को जीवन, शुद्धि और मोक्ष का माध्यम माना गया है. इसी आस्था से जुड़े हैं भारत के पांच पवित्र सरोवर, जिन्हें पंच सरोवर कहा जाता है. ये सरोवर सिर्फ पानी के स्रोत नहीं हैं, बल्कि हजारों साल पुरानी मान्यताओं, पुराणों और साधना की जीवंत मिसाल हैं. माना जाता है कि इन सरोवरों में स्नान करने से व्यक्ति के पाप कटते हैं, मन शुद्ध होता है और आत्मा को शांति मिलती है. ये पांच सरोवसर ना केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से भी गहरे जुड़े हुए हैं. आइए जानते हैं ये पंच सरोवर कहां कहां स्थित हैं और इनका धार्मिक महत्व क्या है.

राजस्थान के पुष्कर में स्थित पुष्कर सरोवर हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थों में गिना जाता है. लोक मान्यताओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा के हाथ से यहां एक कमल का फूल गिरा था, जिससे इस सरोवर की उत्पत्ति हुई. कहा जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन यहां स्नान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. पुष्कर सरोवर के किनारे स्थित भगवान ब्रह्मा का एकमात्र मंदिर इस स्थान को और भी खास बना देता है. देश-विदेश से श्रद्धालु यहां मोक्ष की कामना लेकर आते हैं.

कैलाश पर्वत के पास स्थित मानसरोवर को भगवान शिव का धाम माना जाता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस सरोवर का निर्माण भगवान ब्रह्मा ने किया था और माता पार्वती यहां स्नान करती थीं. इसका जल अत्यंत शीतल और मीठा माना जाता है. केवल हिंदू ही नहीं, बल्कि बौद्ध धर्म में भी मानसरोवर को बेहद पवित्र स्थान माना गया है. यहां तक पहुंचना कठिन जरूर है, लेकिन जो श्रद्धालु पहुंचते हैं, वे इसे जीवन का सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव मानते हैं.
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गुजरात के कच्छ जिले में स्थित नारायण सरोवर भगवान विष्णु से जुड़ा पवित्र तीर्थ है. मान्यता है कि यहां स्वयं भगवान विष्णु ने स्नान किया था. कहा जाता है कि कभी सरस्वती नदी का प्रवाह यहां तक आता था और इस सरोवर का जल उसी पवित्र धारा से जुड़ा हुआ है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि नारायण सरोवर में डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति होती है.

गुजरात के पाटन जिले में स्थित बिंदु सरोवर को मातृ गया तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है. यहां विशेष रूप से महिलाओं के लिए श्राद्ध और पिंडदान की परंपरा है. मान्यता है कि इससे मातृ आत्मा को शांति मिलती है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि कर्दम ने भगवान विष्णु के दर्शन के लिए यहीं हजारों वर्षों तक कठोर तपस्या की थी.

कर्नाटक में हंपी के पास स्थित पंपा सरोवर रामायण काल से जुड़ा हुआ है. यही वह स्थान माना जाता है जहां शबरी ने वर्षों तक भगवान राम की प्रतीक्षा की थी. यह क्षेत्र किष्किंधा से जुड़ा माना जाता है. शांत वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर पंपा सरोवर आज भी भक्तों को ध्यान और भक्ति की अनुभूति कराता है.







