जब आप पका हुआ, रसदार पपीता खाते हैं, तो उसका मीठा स्वाद और चमकदार नारंगी रंग तुरंत ध्यान खींच लेता है. यह ट्रॉपिकल फल स्वाद के साथ-साथ पोषण से भरपूर होने की वजह से दुनिया भर में पसंद किया जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग पपीते के बीज बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अब आदत बदलने का वक्त है. ये छोटे-छोटे काले बीज सेहत के लिहाज से किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं.
डायटीशियन और हेल्थ कोच Vidhi Chawla के मुताबिक, पपीते के बीज फाइबर, हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. इनमें जिंक, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं. इसके अलावा ये पॉलीफेनॉल्स और फ्लैवोनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाने में मदद करते हैं.
वजन घटाने में मददगार
अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो पपीते के बीज आपकी डाइट में एक स्मार्ट एडिशन हो सकते हैं. इनमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम होती है और कैलोरी कंट्रोल करना आसान हो जाता है. रिसर्च बताती है कि हाई-फाइबर डाइट वजन मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाती है. हमारी आंतों में मौजूद अरबों बैक्टीरिया शरीर की इम्युनिटी, डाइजेशन और हार्मोन बैलेंस से जुड़े होते हैं. पपीते के बीजों में मौजूद कारपेन (carpaine) नामक कंपाउंड हानिकारक बैक्टीरिया और आंतों के कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है. इससे कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी समस्याएं कम हो सकती हैं.
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक
दिल की सेहत के लिए कोलेस्ट्रॉल बैलेंस बहुत जरूरी होता है. पपीते के बीजों में मौजूद फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को सपोर्ट करता है. इनमें मौजूद ओलिक एसिड भी हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है. कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द और अनियमितता की समस्या होती है. पपीते के बीजों में मौजूद कैरोटेनॉयड्स एस्ट्रोजन हार्मोन के बैलेंस में मदद कर सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ये पीरियड क्रैम्प्स में भी राहत देने में सहायक हो सकते हैं, हालांकि इस पर और वैज्ञानिक रिसर्च की जरूरत है.
जब आप पका हुआ, रसदार पपीता खाते हैं, तो उसका मीठा स्वाद और चमकदार नारंगी रंग तुरंत ध्यान खींच लेता है. यह ट्रॉपिकल फल स्वाद के साथ-साथ पोषण से भरपूर होने की वजह से दुनिया भर में पसंद किया जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग पपीते के बीज बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अब आदत बदलने का वक्त है. ये छोटे-छोटे काले बीज सेहत के लिहाज से किसी सुपरफूड से कम नहीं हैं.
डायटीशियन और हेल्थ कोच Vidhi Chawla के मुताबिक, पपीते के बीज फाइबर, हेल्दी फैट और प्रोटीन से भरपूर होते हैं. इनमें जिंक, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं. इसके अलावा ये पॉलीफेनॉल्स और फ्लैवोनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल डैमेज से बचाने में मदद करते हैं.
वजन घटाने में मददगार
अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो पपीते के बीज आपकी डाइट में एक स्मार्ट एडिशन हो सकते हैं. इनमें मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम होती है और कैलोरी कंट्रोल करना आसान हो जाता है. रिसर्च बताती है कि हाई-फाइबर डाइट वजन मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाती है. हमारी आंतों में मौजूद अरबों बैक्टीरिया शरीर की इम्युनिटी, डाइजेशन और हार्मोन बैलेंस से जुड़े होते हैं. पपीते के बीजों में मौजूद कारपेन (carpaine) नामक कंपाउंड हानिकारक बैक्टीरिया और आंतों के कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है. इससे कब्ज, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी समस्याएं कम हो सकती हैं.
कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में सहायक
दिल की सेहत के लिए कोलेस्ट्रॉल बैलेंस बहुत जरूरी होता है. पपीते के बीजों में मौजूद फाइबर खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को सपोर्ट करता है. इनमें मौजूद ओलिक एसिड भी हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है. कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द और अनियमितता की समस्या होती है. पपीते के बीजों में मौजूद कैरोटेनॉयड्स एस्ट्रोजन हार्मोन के बैलेंस में मदद कर सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक ये पीरियड क्रैम्प्स में भी राहत देने में सहायक हो सकते हैं, हालांकि इस पर और वैज्ञानिक रिसर्च की जरूरत है.
फूड पॉइजनिंग से बचाव
पपीते के बीजों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ई. कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि इन्हें फूड पॉइजनिंग से जुड़ी समस्याओं में नेचुरल रेमेडी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होने की वजह से पपीते के बीज शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करते हैं और लिवर डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस को सपोर्ट करते हैं. नियमित लेकिन सीमित मात्रा में सेवन शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद कर सकता है.
पपीते के बीज खाने का सही तरीका क्या है?
पपीते के बीजों को खाने के कई आसान तरीके हैं. आप इन्हें धूप में सुखाकर पीस सकते हैं और सलाद पर छिड़क सकते हैं. इन्हें स्मूदी, दही या सॉस में मिलाया जा सकता है. कुछ लोग इन्हें काली मिर्च के विकल्प की तरह भी इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इनका स्वाद हल्का सा तीखा होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोज़ एक टेबलस्पून तक का सेवन पर्याप्त माना जाता है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है.
बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं
पपीते के बीजों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो ई. कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि इन्हें फूड पॉइजनिंग से जुड़ी समस्याओं में नेचुरल रेमेडी के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होने की वजह से पपीते के बीज शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करते हैं और लिवर डिटॉक्सिफिकेशन प्रोसेस को सपोर्ट करते हैं. नियमित लेकिन सीमित मात्रा में सेवन शरीर को अंदर से साफ रखने में मदद कर सकता है.
पपीते के बीज खाने का सही तरीका क्या है?
पपीते के बीजों को खाने के कई आसान तरीके हैं. आप इन्हें धूप में सुखाकर पीस सकते हैं और सलाद पर छिड़क सकते हैं. इन्हें स्मूदी, दही या सॉस में मिलाया जा सकता है. कुछ लोग इन्हें काली मिर्च के विकल्प की तरह भी इस्तेमाल करते हैं क्योंकि इनका स्वाद हल्का सा तीखा होता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, रोज़ एक टेबलस्पून तक का सेवन पर्याप्त माना जाता है. ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-papaya-seeds-health-benefits-from-heart-to-gut-these-tiny-powerhouses-can-fix-major-health-problems-ws-kl-10129976.html







