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Chhoti Kashi shivratri 2026 : छोटी काशी के शिवालयों में घृतमंडल सज चुके हैं. इसी के साथ शिवरात्रि से जुड़े काम शुरू हो गए हैं. छोटी काशी के सिद्धभद्रा मंदिर, नीलकंठ मंदिर थनेहड़ा मुहल्ला, महामृत्युज्य मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, शिवरूद्र मंदिर, ताम्रपति महादेव मंदिर और नीलकंठ मंदिर विक्टोरिया पुल के अलावा दूसरे शिवालयों में भी घृतमंडल सजाने की प्रथा बहुत पुरानी है. अब अगले एक माह तक शिवालयों में जलाभिषेक नहीं हो पाएगा. Bharat.one ने इस बारे में बड़ादेव कमरूनाग के कटवाल चेतराम से बात की. मंडी अपने प्राचीन मंदिरों और ऐसी ही देव संस्कृति के लिए दुनियाभर में मशहूर है.
मंडी. छोटी काशी के शिवालयों में घृतमंडल सजने के साथ ही शिवरात्रि महोत्सव से जुड़े देव कारज शुरू हो गए हैं. नगर के कई शिवालयों में घृतमंडल सजा दिए गए. अधिष्ठाता बाबा भूतनाथ स्वयंभू शिवलिंगम पर भी घृतमंडल सज गया है. छोटी काशी के सिद्धभद्रा मंदिर, नीलकंठ मंदिर थनेहड़ा मुहल्ला, महामृत्युज्य मंदिर, अर्द्धनारीश्वर मंदिर, शिवरूद्र मंदिर, ताम्रपति महादेव मंदिर, नीलकंठ मंदिर विक्टोरिया पुल के अलावा कुछ अन्य शिवालयों में घृतमंडल सजाने की परंपरा रही है. घृतमंडल सजने के बाद अब अगले एक माह तक शिवालयों में शिवलिंगम का जलाभिषेक नहीं हो पाएगा. फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि पर्व पर ही शिवालयों में शिवलिंगम अपने मूल स्वरूप में लौटेंगे. दूसरी ओर, शिवरात्रि जातर में शामिल होने के लिए प्रशासन की ओर से अब जल्द ही आराध्य देवी-देवताओं को देव कुम्भ का न्यूंद्रा भेजा जाएगा.
बड़ादेव कमरूनाग के कटवाल चेतराम ने बताया कि शिवरात्रि जातर का न्यूंद्रा मिलने के बाद छोटी काशी के लिए रवानगी के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा. बड़ादेव कमरुनाग के 14 फरवरी को छोटी काशी पहुंचने की संभावना है. भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व मंडी में खास अंदाज में मनाया जाता है. 1527 ई. में मंडी शहर की स्थापना के बाद से ही यहां शिवरात्रि महोत्सव मनाने की परंपरा है. इस शहर की स्थापना राजा अजबर सेन ने की थी. मंडी अपने प्राचीन मंदिरों और देव संस्कृति के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है.
उकेरे जाएंगे शिव रूप
मंडी के शिवरात्रि मेले का राज परिवार से गहरा नाता है. जब तक भगवान माधव राय की पालकी नहीं निकलती, तब तक शिवरात्रि महोत्सव की शोभायात्रा शुरू नहीं होती. राज माधव राय भगवान श्री कृष्ण का रूप माने जाते हैं. मंडी के सबसे ऐतिहासिक मंदिर यानी बाबा भूतनाथ मंदिर में अब बाबा की पिंडी पर एक महीना तक रोज अलग अलग शिव रूप उकेरे जाएंगे और श्रद्धालु भी रोज अलग अलग रूप के दर्शन कर सकेंगे. मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती के मुताबिक, पूरे भारत वर्ष के कुछ चुनिंदा शिव रूप यहां उकेरे जाएंगे और उनका इतिहास भी लोगों को बताया जाएगा.
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Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें







