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Famous Imarti in Mau: यूपी के पूर्वांचल में मऊ की इमरती खास मानी जाती है, क्योंकि यहां की इमरती केवल धोइया की बनाई जाती है। जो मुंह में जाते ही घुल जाती है, जिसके वजह से इस इमरती को खाने वालों की काफी भीड़ लगी रहती है। इस इमरती को सिर्फ खाते ही नहीं है लोग घर पैक भी करा कर लेकर जाते हैं। आईए जानते हैं अजय यादव की इमरती में क्या खास है।
Famous Imarti in Mau: यूपी के पूर्वांचल में मऊ की इमरती बहुत फेमस है और इसकी चर्चा हर जगह होती है क्योंकि यहां की इमरती केवल धोइया की बनाई जाती है. जो मुंह में जाते ही घुल जाती है, जिसके वजह से इस इमरती को खाने वालों की काफी भीड़ लगी रहती है. इस इमरती को सिर्फ खाते ही नहीं है लोग घर पैक भी करा कर लेकर जाते हैं. आइए जानते हैं अजय यादव की इमरती में क्या खास है, जिसे खाने के साथ लोग पैक करा कर घर लेकर जाते हैं. इस क्षेत्र के लगभग 20 किलोमीटर की दूरी से लोग इस इमरती को लेकर विदेशों तक जाते हैं. यह इमरती लगभग 10 दिनों तक खराब नहीं होती और इसकी गारंटी भी दी जाती है.
मऊ की फेमस है यह इमरती
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के मऊ जनपद के मुहम्मदाबाद गोहना चुंगी स्थित अजय यादव की एक खास दुकान है. जहां इमरती बनाई जाती है और यह इमरती सिर्फ मऊ ही नहीं आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया, बनारस समेत दूर-दूर तक लोग लेकर इसे जाते हैं. क्योंकि यह एक अलग तरीके से इमरती बनाई जाती है, जिसमें सिर्फ धोइया (धोई)डाला जाता है. धोइया होने के वजह से यह इमरती मुंह में जाते ही भूल जाती है.
50 वर्षो से बनाई जाती इमरती
Bharat.one से बात करते हुए दुकानदार के मालिक अजय यादव बताते हैं कि उनके यहां 50 वर्षो से यह इमरती बनाई जाती है. इस इमरती को बनाने के लिए सबसे पहले धोई खरीदी जाती है, जिसे मशीन में पीसकर भिगोया जाता है इसके बाद इस धोई को हाथों से लगभग 1 घंटे तक फेटा जाता है. फिर इस मिश्रण को रिफाइंड करके इमरती की शक्ल दी जाती है इमरती तैयार होने के बाद इसे चीनी की चाशनी में डालकर निकाला जाता है.
मुंह में जाते ही घुल जाती इमरती
इस इमरती की खासियत यह है कि मुंह में जाते ही घुल जाती है, जिससे इसे खाने वाले लोगों का मन प्रसन्न हो जाता है. इतनी प्रसिद्धि के कारण इमरती खरीदने के लिए लोगों की भीड़ रहती है. दुकानदार बताते हैं कि यहां प्रतिदिन सैकड़ो लोग इमरती लेने आते हैं. यह थोड़े-थोड़े टुकड़ों में बनाई जाती है. इमरती खाने वालों को हमेशा गर्म दी जाती है क्योंकि गर्म इमरती का स्वाद ही अलग होता है. हालांकि उनके दुकान पर इस इमरती को बनाने में दो लोग लगे रहते हैं. सुबह से शाम तक यह गर्म इमरती कड़ाई से बाहर निकलती रहती है और लोग से खरीदते रहते हैं अगर बात करें कीमत की तो यह 180 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जाती है.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें
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