Rahu Ke Upay: कभी-कभी जिंदगी बिल्कुल पटरी पर चल रही होती है और अचानक ऐसा लगता है जैसे किसी ने ब्रेक लगा दी हो. करियर में रुकावट, कारोबार में नुकसान, रिश्तों में तनाव और मन में अजीब-सा डर इन सबके पीछे कई लोग ज्योतिषीय कारण भी तलाशते हैं. खासतौर पर जब बिना किसी ठोस वजह के चीज़ें बिगड़ने लगें, तो राहु का नाम अपने-आप चर्चा में आ जाता है. राहु कोई साधारण ग्रह नहीं, बल्कि छाया ग्रह है, जिसका असर सीधा हमारे निर्णय, सोच और जोखिम लेने की क्षमता पर पड़ता है. शुभ हो तो वही राहु रातों-रात पहचान दिला देता है और अशुभ हो जाए तो बना-बनाया खेल बिगाड़ देता है. अगर आपको भी लग रहा है कि मेहनत के बावजूद नतीजे साथ नहीं दे रहे, तो शनिवार के दिन किए जाने वाले ये पारंपरिक सनातनी उपाय आपके लिए काम के साबित हो सकते हैं. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
राहु ग्रह: वरदान भी, चुनौती भी
ज्योतिष में राहु को भ्रम, महत्वाकांक्षा और अचानक होने वाली घटनाओं का कारक माना गया है. राजनीति, मीडिया, फिल्म, शेयर बाजार या टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में राहु मजबूत हो तो व्यक्ति भीड़ से अलग पहचान बना लेता है. ऐसे लोग जोखिम लेने से नहीं डरते और अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन जब राहु विपरीत फल देता है, तो वही जोखिम भारी पड़ने लगता है. नौकरी में अस्थिरता, बिज़नेस में घाटा, गलत फैसले और मानसिक तनाव ये सब राहु दोष के आम संकेत माने जाते हैं. कई बार व्यक्ति खुद समझ नहीं पाता कि आखिर गलती कहां हो रही है.
किन रिश्तों से जुड़ा है राहु का प्रभाव?
ज्योतिष के अनुसार नवग्रहों का असर सिर्फ व्यक्ति पर ही नहीं, बल्कि उसके रिश्तों पर भी पड़ता है.
राहु और पारिवारिक संबंध
राहु का विशेष संबंध साले और ससुर से बताया गया है. अगर इन रिश्तों में लगातार तनाव या कटुता बनी रहती है, तो राहु का अशुभ प्रभाव और बढ़ सकता है. व्यावहारिक तौर पर देखें तो परिवार में संतुलन और सम्मान बनाए रखना मानसिक शांति के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है.
राहु को शांत करने के मंत्र और साधना
राहु का प्रभावी मंत्र
राहु के दुष्प्रभाव से बचने के लिए योग्य पुजारी से राहु यंत्र की स्थापना कराना शुभ माना जाता है. इसके साथ नियमित मंत्र जाप जरूरी है.
प्रचलित मंत्र हैं:
-ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः
-ॐ रां राहवे नमः
ध्यान मंत्र का पाठ करते समय मन को स्थिर रखना बेहद जरूरी है. रोज़ थोड़े समय का नियमित अभ्यास भी असर दिखाने लगता है यही इसकी खास बात है.

राहु दोष में किस देवता की पूजा करें?
भैरव, शिव और हनुमान साधना
ज्योतिषाचार्य राहु से जुड़ी परेशानियों में भगवान भैरव की पूजा को बेहद असरदार मानते हैं. रविवार के दिन भैरव मंदिर में विधि-विधान से पूजा करने से करियर और कारोबार से जुड़ी बाधाएं कम होती हैं. अगर आसपास भैरव मंदिर न हो, तो भगवान शिव की आराधना भी राहु के उग्र प्रभाव को शांत करती है. वहीं, हनुमान साधना व्यक्ति को मानसिक बल देती है, जो राहु के भ्रम और डर को कम करने में मददगार मानी जाती है.

शनिवार के दिन किए जाने वाले सरल उपाय
राहु महादशा में क्या करें?
अगर कुंडली में राहु की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, तो शनिवार का दिन खास माना जाता है. इस दिन बहते जल में कोयला, काला तिल या पानी वाला नारियल प्रवाहित करना एक प्रचलित उपाय है.
इसके अलावा शनिवार का व्रत रखना भी राहु से जुड़ी पीड़ा को कम करता है. ये उपाय कठिन नहीं हैं, लेकिन इनकी सबसे बड़ी ताकत है नियमितता और आस्था.







