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सर्दियों में हाथ पैरों में दिख रहे हैं यह लक्षण, तो हो जाएं सावधान, तुरंत ऐसे करें बचाव, जानिए डॉक्टर की सलाह – Uttar Pradesh News


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Health Tips: सर्दियों में ठंड बढ़ने से चिलब्लेन्स की समस्या आम हो जाती है. यह तब होती है जब ठंड में रहे हाथ-पैर अचानक गर्मी के संपर्क में आते हैं, जिससे उंगलियां लाल या नीली पड़ने लगती हैं. गाजियाबाद जिला एमएमजी अस्पताल की डॉ. दिव्या द्विवेदी के अनुसार इससे खुजली, सूजन और जलन होती है. बचाव के लिए हाथ-पैर गर्म रखें, दस्ताने-मोजे पहनें, मॉइस्चराइजर लगाएं और तेज गर्मी से सीधे सेकने से बचें.

सर्दियों के मौसम में ठंड बढ़ते ही त्वचा से जुड़ी परेशानियां भी तेजी से सामने आने लगती हैं. इन्हीं समस्याओं में एक आम लेकिन तकलीफदेह बीमारी है चिलब्लेन्स. यह समस्या तब होती है जब हाथ-पैर ज्यादा समय तक ठंड में रहने के बाद अचानक गर्मी के संपर्क में आ जाते हैं. ऐसे में त्वचा की रक्त नलिकाएं तेजी से प्रतिक्रिया करती हैं, जिससे हाथों और पैरों की उंगलियां लाल या नीली पड़ने लगती हैं. इसके साथ तेज खुजली, जलन और सूजन महसूस होती है. कई मामलों में फफोले या छोटे-छोटे घाव भी बन जाते हैं, जिससे चलने-फिरने और रोजमर्रा के कामों में परेशानी होती है.

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी बताती हैं कि चिलब्लेन्स मुख्य रूप से सर्द हवाओं और कम तापमान की वजह से होता है. ठंड में शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं. खासकर हाथों और पैरों में. इससे वहां खून का संचार ठीक से नहीं हो पाता और त्वचा का रंग बदलने लगता है. इसी कारण सूजन और खुजली की समस्या पैदा होती है. खुजली अधिक होने पर लोग बार-बार त्वचा को खरोंच लेते हैं, जिससे घाव बनने का खतरा बढ़ जाता है.

डॉक्टर के मुताबिक यह समस्या छोटे बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती है, क्योंकि उनकी त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है. हालांकि लापरवाही बरतने पर किसी को भी यह परेशानी हो सकती है. सर्दियों में सबसे जरूरी है ठंड से बचाव. हाथ-पैर और शरीर के खुले हिस्सों को ढककर रखें और उन्हें हमेशा गर्म रखें. बाहर निकलते समय दस्ताने और मोजे पहनना चाहिए. ज्यादा ठंड में एक से ज्यादा मोजे पहनना फायदेमंद होता है.

डॉ. दिव्या द्विवेदी का कहना है कि ठंड में हाथों को आपस में रगड़ते रहना भी फायदेमंद है. इससे रक्त संचार बेहतर होता है और गर्मी बनी रहती है. त्वचा को सूखा न रहने दें, इसके लिए नियमित रूप से मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें. कई लोग ठंड लगने पर सीधे हीटर या ब्लोअर से हाथ-पैर सेकते हैं, लेकिन ऐसा करने से बचना चाहिए. क्योंकि अचानक तेज गर्मी से समस्या और बढ़ सकती है. जरूरत पड़ने पर हीटर या हीटिंग पैड का इस्तेमाल सीमित समय के लिए करें.

अगर खुजली ज्यादा हो और दस्ताने या मोजे पहनने में भी दिक्कत हो रही हो तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें. खुद से दवा लेने से परेशानी बढ़ सकती है. इसके साथ ही सर्दियों में अच्छी और पौष्टिक डाइट लेना भी जरूरी है ताकि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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सर्दियों में हाथ पैरों में दिख रहे हैं यह लक्षण, तो हो जाएं सावधान


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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-chilblains-causes-symptoms-prevention-doctors-advice-in-winter-season-local18-10132264.html

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