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बाहर से कुरकुरा, अंदर से रसभरा…गुजिया नहीं, इस होली बनाएं झारखंड का पारंपरिक शाही मालपुआ, परफेक्ट रेसिपी! – Jharkhand News


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Malpua Recipe: होली पर लोग बहुत सी मिठाइयां बनाते हैं जिनमें मालपुआ भी एक है. इसे कुछ टिप्स के साथ बनाया जाए तो यह बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनता है. तो इस बार गुजिया से अलग हटकर या गुजिया के साथ ही एक और मीठा भी ट्राई करना चाहते हैं तो मालपुआ बना सकते हैं. इसका स्वाद सबको दीवाना कर देता है.

झारखण्ड का पारम्परिक व्यंजन है मालपुवा

होली का त्योहार रंगों, खुशियों और स्वादिष्ट पकवानों का संगम होता है. झारखण्ड में जैसे ही होली नजदीक आती है, घरों में अबीर-गुलाल के साथ-साथ तरह-तरह के पारंपरिक व्यंजन बनने लगते हैं. इन्हीं में एक खास और सदियों पुरानी मिठाई है झारखण्ड का पारम्परिक मालपुआ, जो गुजिया और दूसरी मिठाइयों से बिल्कुल अलग स्वाद और बनावट रखता है. बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम, चाशनी में डूबा हुआ मालपुआ होली की थाली को खास बना देता है.

होली के दीन झारखण्ड के ज्यादातर घरों मे बनाया जाता है मालपुवा

मालपुआ की खासियत यही है कि इसे बनाना जितना आसान लगता है, परफेक्ट रेसिपी के लिए उतना ही ध्यान रखना पड़ता है. सही सामग्री, सही बैटर और सही तापमान इन तीनों का संतुलन हो तो मालपुआ का स्वाद दोगुना हो जाता है. यह मिठाई खासतौर पर उत्तर भारत में होली के मौके पर बनाई जाती है और मेहमानों को बड़े चाव से परोसी जाती है.

मालपुवा बनाने के लिए कुछ चीजों की आवश्यकता पड़ती है

गृहणी मनीषा सिंह बताती हैं कि झारखण्ड का पारमपरिक व्यंजन मालपुआ बनाने के लिए सबसे पहले आवश्यक सामग्री तैयार कर लें. इसमें मैदा, थोड़ी सी सूजी, खोया, दूध, चीनी, इलायची पाउडर, केसर के धागे, कटे हुए मेवे जैसे काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश शामिल होते हैं. तलने के लिए शुद्ध घी का उपयोग करें, क्योंकि घी ही मालपुआ को उसका पारंपरिक स्वाद और खुशबू देता है. चाशनी के लिए चीनी और पानी अलग से रखें.

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सबसे पहले आँटा ले ले

अब मालपुआ का बैटर तैयार करें. एक बड़े बर्तन में आटा लें, उसमें थोड़ी सी सूजी और खोया मिलाएं. सूजी डालने से मालपुआ हल्का कुरकुरा बनता है, जबकि खोया स्वाद को रिच बनाता है. इसमें इलायची पाउडर और एक चम्मच चीनी डालें. अब धीरे-धीरे दूध मिलाते हुए एक गाढ़ा लेकिन स्मूद बैटर तैयार करें. ध्यान रखें कि बैटर न ज्यादा पतला हो और न ज्यादा गाढ़ा. इसे ढककर 15–20 मिनट के लिए रख दें, ताकि सूजी अच्छे से फूल जाए.

अब चासनी त्यार करे

अब चाशनी तैयार करने की बारी है. गैस पर कढ़ाई या पैन रखें, उसमें चीनी और पानी डालकर उबालें. चाशनी को एक तार की बनने तक पकाएं. खुशबू और रंग के लिए इसमें केसर के धागे डाल सकते हैं. चाशनी तैयार होने के बाद इसे धीमी आंच पर अलग रख दें, ताकि यह ठंडी न हो जाए.

बैटर मे सूखे मैवे भी डाल सकते है

अब बैटर में कटे हुए सूखे मेवे और किशमिश डालकर हल्के हाथ से मिला लें. दूसरी कढ़ाई में घी डालकर गरम करें. घी अच्छी तरह गरम हो जाए, लेकिन धुआं न निकले. अब एक करछी से बैटर लेकर घी में गोल आकार में डालें. मध्यम आंच पर मालपुआ को धीरे-धीरे तलें, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह पक जाए और बाहर से सुनहरा व कुरकुरा हो जाए.

अब मालपुवा को फ्राई करे

जब मालपुआ दोनों तरफ से अच्छे से फ्राई हो जाएं, तो उन्हें सीधे गरम चाशनी में डाल दें. 1–2 मिनट तक चाशनी में डूबा रहने दें, ताकि मालपुआ मिठास को अच्छे से सोख ले. ज्यादा देर चाशनी में रखने से मालपुआ ज्यादा नरम हो सकता है, इसलिए समय का ध्यान रखें.

त्यार है आपका गरमागर्म मालपुवा

लीजिए तैयार है आपका गरमागरम, रसीला और खुशबूदार मालपुआ. ऊपर से कटे हुए पिस्ता, बादाम और थोड़े से केसर से सजाकर परोसें. चाहें तो इसे ठंडी रबड़ी या दही के साथ भी सर्व कर सकते हैं. इस होली अगर आप घर पर ही परफेक्ट मालपुआ बनाते हैं, तो यकीन मानिए आपके मेहमान इस स्वाद को लंबे समय तक याद रखेंगे.

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Recipe: बाहर से कुरकुरा, अंदर से रसभरा..गुजिया नहीं, इस होली बनाएं शाही मालपुआ


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