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Deadliest Cancers Worldwide: हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है. यह दिन कैंसर की घातक बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. WHO के आंकड़े बताते हैं कि ब्रेस्ट, लंग, कोलन-रेक्टम, प्रोस्टेट और स्किन कैंसर दुनिया में सबसे ज्यादा लोगों को शिकार बनाते हैं. हर साल लाखों लोगों की मौत कैंसर से होती है. डॉक्टर्स की मानें तो कुछ कैंसर की समय पर पहचान हो जाए, तो ट्रीटमेंट से मरीज की जान बचाई जा सकती है.

लंग कैंसर के कारण हर साल सबसे ज्यादा मौतें होती हैं.
Most Common Cancers in World: कैंसर को दुनिया की सबसे घातक बीमारी माना जाता है. अगर सही समय पर कैंसर का पता न चल पाए, तो कैंसर पूरे शरीर में फैल जाता है और लोगों की जान चली जाती है. कैंसर कई तरह का होता है और यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है. आज कैंसर विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के आंकड़े देखें, तो साल 2020 में कैंसर से दुनियाभर में करीब 1 करोड़ लोगों की मौत हुई और 2022 में भी मौतों का आंकड़ा 1 करोड़ के आसपास था. लगातार कैंसर के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है. आंकड़ों की मानें तो विश्व में हर 6 में से 1 मौत का कारण कैंसर बन रहा है. यह बेहद चिंताजनक स्थिति है.
लंग कैंसर सबसे ज्यादा जानलेवा
WHO का डाटा बताता है कि लंग कैंसर सबसे ज्यादा मौतों का कारण बनता है. साल 2020 में करीब 18 लाख लोगों की जान लंग कैंसर से गई. इसके बाद कोलन-रेक्टम, लिवर, पेट और ब्रेस्ट कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या सबसे ज्यादा रही. चौंकाने वाली बात यह है कि हर साल लगभग 4 लाख बच्चे भी कैंसर का शिकार होते हैं, और अलग-अलग देशों में कैंसर के प्रकार अलग-अलग देखने को मिलते हैं. कई देशों में सर्वाइकल कैंसर सबसे कॉमन कैंसर है.
कैंसर के सबसे बड़े रिस्क फैक्टर
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कैंसर होने के पीछे कई फैक्टर होते हैं. तंबाकू का सेवन, शराब, मोटापा, खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और एयर पॉल्यूशन कैंसर के बड़े रिस्क फैक्टर हैं. WHO के अनुसार करीब 30% कैंसर से होने वाली मौतें इन्हीं आदतों से जुड़ी हैं. इसके अलावा HPV, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी जैसे संक्रमण भी कई देशों में कैंसर का बड़ा कारण बन रहे हैं. उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का खतरा भी बढ़ता है, क्योंकि समय के साथ शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करने की क्षमता कमजोर हो जाती है. हालांकि राहत की बात यह है कि 30 से 50 प्रतिशत कैंसर को रोका जा सकता है, अगर लोग समय रहते लाइफस्टाइल सुधार लें और रिस्क फैक्टर्स से बचें.
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अमित उपाध्याय Bharat.one Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
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https://hindi.news18.com/news/lifestyle/health-world-cancer-day-2026-5-most-common-cancers-globally-millions-of-people-die-every-year-10144447.html







