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पूर्णिया के फोर्ड कंपनी चौक स्थित बाबा पूर्णेश्वर नाथ शिव मंदिर है. यहां आने वाले भक्तों की हर कामना पूरी होती है. यह मंदिर पूर्णिया जिला के ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों में एक माना जाता है. इस मंदिर परिसर में आपको भगवान भोलेनाथ से लेकर माता काली एवं राधा कृष्ण सहित अन्य कई देवी देवताओं के दर्शन होंगे.
आज तक आपने अलग-अलग मंदिरों की अलग-अलग मान्यताओं के बारे में आपने जरूर सुना होगा लेकिन बिहार के पूर्णिया के फोर्ड कंपनी चौक स्थित बाबा पूर्णेश्वर नाथ शिव मंदिर की भी कुछ ऐसी अनोखी मान्यता है.यहां आने वाले भक्तों की हर कामना पूरी होती है.
यह मंदिर पूर्णिया जिला के ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिरों में एक माना जाता है.वही इस मंदिर की स्थापना से लेकर पूजा पाठ तक लोगों के लिए खूब फलीभूत देखा जा रहा है. इस मंदिर में एक साथ कई प्रतिमाये हैं.जिनकी रोजाना पूजा की जाती हैं.वही यह मंदिर फोर्ड कंपनी चौक पर स्थित देव आनंदालय के नाम से मंदिर परिसर प्रसिद्ध है.वही इस मंदिर परिसर में आपको भगवान भोलेनाथ से लेकर माता काली एवं राधा कृष्ण सहित अन्य कई देवी देवताओं के दर्शन होंगे.
पूर्णिया के फोर्ड कंपनी चौक पर स्थित यह मंदिर
वही मंदिर कमेटी के सदस्य एवं स्थानीय लोग स्वामी परवीन आनंद कौर,रणवीर सिंह एवं प्रेमकांत सहित अन्य लोगों ने बताया कि यह मंदिर लगभग 500 साल पुरानी मंदिर है.वहीं इस मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखी जाती है.जबकि उन्होंने कहा कि यह मंदिर पूर्णिया के शम्बुकेश्वरी काली मंदिर परिसर में बाबा पुर्नेश्वर नाथ शिव मंदिर भी स्थित है.वही यह शिव मंदिर और काली मंदिर गुरु शंभूकानंद महाराज की प्रेरणा से बनी थी.वही इस मन्दिर का निर्माण हुआ और उनकी के मार्गदर्शन पर ही बना. मा काली और भगवान भोलेनाथ ने स्वप्न देकर वरदान दिया था.
शिवलिंग छत में भी छिद्र जिससे बारिश की बूंदे शिवलिंग जलाभिषेक
वही इस मंदिर कमेटी के सदस्य एवं मंदिर के पुजारी बताते हैं कि इस मंदिर में आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. इस मंदिर परिसर में बने शिव मंदिर बाबा पूर्णेश्वर नाथ शिव मंदिर बहुत प्रसिद्ध के साथ अनोखी मान्यताओं से भी जुड़ा है. वही उन्होंने कहा इस मंदिर के परिसर में स्थित पूर्णेश्वर नाथ शिव मंदिर में अनोखी शिवलिंग होने के साथ-साथ उनकी छत पर भी शिवलिंग का भव्य आकार बनाया गया है.वहीं इस शिवलिंग पर नागदेव एवं त्रिशूल डमरू को भी दर्शाया गया है. इसे खास कारीगरी के द्वारा बनाया गया था.साथ ही साथ इस शिवलिंग वाली छत में एक ऐसी छिद्र दी गई है. जिसमें बारिश होने से बारिश की बूंदे भगवान भोलेनाथ के शीर्ष शिवलिंग पर चढ़ते हैं तो वहीं धूप की किरने भी उन तक पहुंचती है.साथ ही साथ यह मंदिर खास मान्यताओं के कारण यह मंदिर पूर्णिया जिले में खूब फेमस है.







