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Delhi News: दिल्ली के ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर, चांदनी चौक में अब भक्तों को भस्म आरती के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आदित्य झा ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का आयोजन शुरू किया गया है
दिल्ली के ऐतिहासिक श्री गौरी शंकर मंदिर, चांदनी चौक में अब भक्तों को भस्म आरती के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है. मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित आदित्य झा ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से प्रत्येक सोमवार को भस्म आरती का आयोजन शुरू किया गया है. यह आरती मंदिर प्रबंधन समिति के तत्वावधान में श्रद्धा और विधि-विधान के साथ की जा रही है.
सुबह 6 बजे होती है भस्म आरती
पंडित आदित्य झा के अनुसार, हर सोमवार सुबह ठीक 6 बजे बाबा महाकाल की भस्म आरती संपन्न होती है. सर्दियों के मौसम के बावजूद रोज़ाना 150 से 200 श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. भक्तों में इस नई शुरुआत को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.
गर्मी को देखते हुए पहले से तैयारी
मंदिर समिति ने आने वाले गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पहले से ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं. पहले मंदिर परिसर में एलसीडी की सुविधा नहीं थी, लेकिन अब श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एलसीडी स्क्रीन लगाई गई हैं, ताकि भीड़ के कारण जो भक्त गर्भगृह तक नहीं पहुंच पाते, वे भी आराम से बाबा के दर्शन कर सकें.
भीड़ नियंत्रण के लिए खास इंतजाम
भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर समिति ने दो एलसीडी पहले ही स्थापित कर दी हैं और आगे और एलसीडी लगाने की तैयारी चल रही है. पंडित आदित्य झा ने बताया कि इसका मकसद यह है कि दूर-दराज़ से श्रद्धा के साथ आने वाले भक्तों की आस्था कहीं कम न हो और सभी को समान रूप से दर्शन का लाभ मिले.
गोबर से बनी भस्म का होता है उपयोग
भस्म आरती में उपयोग होने वाली भस्म के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह भस्म गाय के गोबर से तैयार की जाती है, जिसे विधिवत जलाकर शुद्ध किया जाता है और फिर आरती में प्रयोग किया जाता है. यह प्रक्रिया पूरी तरह धार्मिक परंपराओं के अनुरूप होती है.
दर्शन का समय और स्थान
यदि कोई भी श्रद्धालु भस्म आरती के दर्शन करना चाहता है, तो वह सोमवार सुबह 6 बजे चांदनी चौक स्थित श्री गौरी शंकर मंदिर आ सकता है और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है.







