अंकुर सैनी / सहारनपुर: किसान अपने पशुओं को विभिन्न प्रकार का हरा चारा खिलाते हैं, जिससे उनका पेट तो भरता है, लेकिन पशु स्वस्थ नहीं होते और उनके दूध में वृद्धि भी नहीं होती. आज हम आपको एक ऐसे हरे चारे के बारे में बता रहे हैं, जिससे किसान अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और उनके दूध की मात्रा भी बढ़ा सकते हैं. यह हरा चारा सहजन है.
सहारनपुर के किसान डॉ. अरुण कुमार ने अपने पशुओं के लिए सहजन के पेड़ लगाए हैं. सहजन अन्य चारे की तुलना में अधिक पौष्टिक और गुणकारी है. सूखे की स्थिति में यह फसल सहनशील होती है और बहुवर्षीय चारा प्रदान करती है. सहजन की पत्तियां और नरम तने को सूखे चारे के साथ मिलाकर पशुओं को खिलाया जाता है. इसमें आंवला से 10 गुना अधिक विटामिन C और गाजर से 30 गुना अधिक विटामिन A पाया जाता है. इसके अलावा, इसमें कैल्शियम की भी भरपूर मात्रा होती है, जो पशुओं की हड्डियों को मजबूत करने में सहायक होती है.
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क्यों गुणकारी है सहजन?
प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार बताते हैं कि सहजन के पौष्टिक गुणों के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्य कर रहे हैं. हमारे पूर्वज सहजन की पत्तियों और फली को पशुओं के चारे में शामिल करते थे. सहजन या मोरिंगा में आंवला से 10 गुना ज्यादा विटामिन C, गाजर से 30 गुना अधिक विटामिन A और दूध से कई गुना अधिक कैल्शियम होता है. डॉ. अरुण का मानना है कि सहजन को पशुओं के आहार में शामिल करके हम उनकी सेहत को बेहतर कर सकते हैं और उन बीमारियों से बचा सकते हैं, जो आजकल पशुओं में आम हो गई हैं.
FIRST PUBLISHED : September 10, 2024, 17:34 IST
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