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Vaishakh Month Religious Importance: वैशाख माह 13 अप्रैल 2025 से 12 मई 2025 तक रहेगा. इसे माधव मास भी कहा जाता है. इस महीने भगवान विष्णु और कृष्ण की पूजा का विशेष महत्व है. गंगा स्नान और व्रत फलदायी माने जाते ह…और पढ़ें

जानिए वैशाख महीने को क्यों कहा जाता है माधव मास. (Canva)
हाइलाइट्स
- वैशाख माह 13 अप्रैल से 12 मई 2025 तक रहेगा.
- वैशाख माह में भगवान विष्णु और कृष्ण की पूजा का महत्व है.
- गंगा स्नान और व्रत वैशाख माह में फलदायी माने जाते हैं.
Vaishakh Month Religious Importance: आज यानी 13 अप्रैल 2025 से श्रेष्ठ माह वैशाख की शुरुआत हो चुकी है. सनातन धर्म में इस महीने को माधव मास भी कहा गया है. हिंदू कैलेंडर में यह साल का दूसरा महीना है जो चैत्र के तुरंत बाद आताा है. यह हर साल अप्रैल मध्य से मई मध्य के बीच में आता है. वैशाख का महीना श्री हरि को समर्पित है. इस पूरे माह जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा होती है. कहा जाता है कि इस महीने श्रीविष्णु के अवतार कृष्ण की पूजा का विशेष फल मिलता है. अब सवाल है कि आखिर वैशाख माह कब तक रहेगा? वैशाख माह को माधव मास क्यों कहा जाता है? वैशाख माह का धार्मिक महत्व क्या है? इस बारे में Bharat.one को बता रहे हैं गाजियाबाद के ज्योतिषाचार्य राकेश चतुर्वेदी-
वैशाख मास कब से कब तक
ज्योतिषाचार्य के मुताबिक, साल 2025 में वैशाख का महीना 13 अप्रैल, दिन सोमवार से शुरू होकर 12 मई दिन मंगलवार तक रहेगा. इस पूरे माह कई व्रत और त्योहार भी होंगे, जिसमें पूजा करना जातक के लिए बहुत ही फलदायी साबित हो सकता है.
वैशाख को क्यों कहते हैं माधव मास
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, वैशाख महीने को माधव मास के नाम से भी जाना जाता है. वैशाख मास में पूर्णिमा के समय चंद्रमा का गोचर विशाखा नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने को वैशाख नाम दिया गया है. इस मास का वास्तुविक नाम मधु मास था, जोकि बाद में भगवान कृष्ण के एक नाम माधव के नाम पर जाना जाने लगा. इसलिए कहा जाता है कि ये मास भगवान विष्णु और उनके श्री कृष्ण अवतार को अत्यंत प्रिय है. इसको सभी महीनों में श्रेष्ठ माना जाता है.
वैशाख माह में किसकी पूजा करें
मान्यताओं में वैशाख महीने के अधिपति भगवान विष्णु बताए गए हैं. वहीं, देवगुरु बृहस्पति को विशाखा नक्षत्र का स्वामी माना जाता है. इस नक्षत्र का संबंध इंद्रदेव से भी है. इस वजह से वैशाख महीने को श्रेष्ठ मास बताया गया है. इस महीने में विष्णु जी की पूजा तुलसी जी के साथ की जाती है.
वैशाख महीने का धार्मिक महत्व
वैशाख महीने में दान, स्नान, जप और उपवास का विशेष महत्व माना गया है. इस मास में गंगा स्नान खास फलदायी होता है. वैशाख महीने में आने वाले एकादशी, अमावस्या और पूर्णिमा व्रत करने से भी शुभ फल मिलता है. इस मास में भगवान विष्णु, श्री कृष्ण और सूर्य की उपासना करनी चाहिए.
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