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कुंडली में चौथे, पांचवें, दसवें या ग्यारवें घर में बैठें हैं शनिदेव? धारण कर लें ये खास रत्न, किस्मत के हो जाएंगे वारे-न्यारे!

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Kise Dharan Karna Chahiye Neelam : रत्न शास्त्र में रत्नों को बहुत शक्तिशाली माना जाता है. अगर इन्हें सही तरीके से और सही समय पर धारण किया जाए, तो यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है. लेकिन, इसे धारण करने से पहले…और पढ़ें

कुंडली में 4थे, 5वें, 10वें या 11वें घर में बैठें हैं शनि? धारण करें ये रत्न!

रत्नों का प्रभाव

हाइलाइट्स

  • नीलम एक बहुत शक्तिशाली रत्न है.
  • नीलम रत्न, जिसे शनि का रत्न माना जाता है.

Kise Dharan Karna Chahiye Neelam : ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का महत्व बहुत ज्यादा बताया गया है और हर रत्न का किसी न किसी ग्रह से संबंध होता है. इन रत्नों को धारण करने से जीवन में अनेक लाभ मिल सकते हैं, बशर्ते रत्न का चुनाव सही तरीके से किया जाए. नीलम रत्न, जिसे शनि का रत्न माना जाता है, विशेष रूप से शनि ग्रह से संबंधित है और इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर गहरा पड़ता है. यह रत्न धारण करने से कई तरह के फायदे हो सकते हैं, लेकिन इसे पहनने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातें जानना जरूरी है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

नीलम रत्न किसे धारण करना चाहिए?
नीलम रत्न उन लोगों के लिए फायदेमंद माना गया है जिनकी कुंडली में शनि ग्रह चौथे, पांचवे, दसवें या ग्यारवें भाव में स्थित हो. इसके अलावा, यदि शनि ग्रह कुंडली में षष्ठेश या अष्‍टमेश के रूप में स्थित हो, तो नीलम रत्न पहनना शुभ साबित हो सकता है. विशेष रूप से वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ राशियों के जातक इस रत्न को धारण कर सकते हैं. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि हर व्यक्ति के लिए यह रत्न उपयुक्त नहीं होता, इसलिए ज्योतिषी से सलाह लेना जरूरी है.

नीलम पहनने के फायदे
नीलम रत्न शनि ग्रह का रत्न माना जाता है और जब यह शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं. इस रत्न को पहनने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है, और उसकी नौकरी या व्यापार में सफलता मिल सकती है. इसके अलावा, नीलम पहनने से व्यक्ति मानसिक शांति प्राप्त करता है और उसे जादू-टोना, तंत्र-मंत्र या भूत-प्रेत जैसी नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है. यह रत्न व्यक्ति को अपने कार्यों में ईमानदारी और मेहनत के प्रति प्रेरित करता है, जिससे जीवन में उन्नति संभव होती है.

नीलम धारण करने का तरीका
नीलम रत्न को धारण करने के लिए सबसे उपयुक्त दिन शनिवार माना जाता है, क्योंकि यह दिन शनि से जुड़ा हुआ है. नीलम रत्न को हमेशा किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी की सलाह पर ही धारण करना चाहिए, ताकि यह सही तरीके से प्रभावी हो. नीलम को 5 से सवा 7 रत्ती तक ही पहनना चाहिए. इसे पंचधातु में धारण करने की सलाह दी जाती है. नीलम को धारण करने से पहले इसे दूध, गंगाजल और शहद में धोकर साफ किया जाता है. इसके बाद शनि देव के बीज मंत्र “ऊं शम शनिचराय नम:” का 108 बार जाप करते हुए इसे दाएं हाथ की बीच की अंगुली में पहनना चाहिए.

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