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कुंडली में ये शुभ योग करवाते हैं विदेश यात्रा, हर एक ग्रह की होती खास भूमिका, क्या आपकी जन्म पत्रिका में है ऐसा योग

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Kundali Me Videsh Yatra Ke Yog : ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि कुछ ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के विदेश यात्रा करने के योग को प्रभावित करती है. विशेष रूप से, शनि और राहु जैसे ग्रह विदेश यात्रा से जुड़े होते हैं. इसके अलावा…और पढ़ें

कुंडली में ये शुभ योग करवाते हैं विदेश यात्रा, हर ग्रह की होती है खास भूमिका

विदेश यात्रा का योग

हाइलाइट्स

  • कुंडली में कई योग विदेश यात्रा करवाते हैं.
  • विदेश यात्रा के लिए हर ग्रह की खास भूमिका होती है.

Kundali Me Videsh Yatra Ke Yog : आजकल हर किसी का सपना होता है कि वह विदेश यात्रा करे या वहां बस जाए, लेकिन यह सपना सच हो, ऐसा कम ही होता है. कई लोग विदेश जाने की इच्छा रखते हैं, लेकिन इसके लिए सही अवसर नहीं मिल पाता. वहीं, कुछ लोग बार-बार विदेश यात्रा करते रहते हैं. क्या आप जानते हैं इसका कारण क्या हो सकता है? इस रहस्य का संबंध आपकी जन्म कुंडली से है. ज्योतिष शास्त्र में कई ऐसी बातें बताई गई हैं, जो आपके विदेश यात्रा करने के योगों से जुड़ी होती हैं. आइए, जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कि किस प्रकार आपकी कुंडली विदेश यात्रा से जुड़ी हो सकती है.

1. सूर्य और विदेश यात्रा
यदि आपकी कुंडली में सूर्य लग्न में स्थित है, तो आपके विदेश यात्रा करने के योग प्रबल होते हैं. सूर्य का प्रभाव आपके आत्मविश्वास और साहस को बढ़ाता है, जिससे आप विदेश जाने का कदम उठा सकते हैं.

2. बुध और शनि का प्रभाव
यदि आपकी कुंडली में बुध आठवें भाव में और शनि बारहवें भाव में स्थित है, तो यह संकेत करता है कि आप विदेश यात्रा कर सकते हैं. यह ग्रह स्थिति अक्सर विदेश जाने के अवसर प्रदान करती है.

3. लग्नेश का बारहवें भाव में होना
अगर आपकी कुंडली में लग्नेश बारहवें भाव में बैठा है, तो यह विदेश यात्रा के लिए अनुकूल योग है. यह स्थिति अक्सर व्यक्ति को विदेश में स्थानांतरण का मौका देती है.

4. दशमेश और नवमांश की स्थिति
यदि आपकी कुंडली में दशमेश और नवमांश दोनों चर राशियों में स्थित होते हैं, तो यह विदेश यात्रा के योगों को और मजबूत करता है.

5. चंद्रमा और विदेश यात्रा
अगर चंद्रमा की स्थिति आपकी कुंडली के ग्यारहवें या बारहवें भाव में है, तो विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं. चंद्रमा आपके मानसिक दृष्टिकोण और यात्रा के इच्छाशक्ति को प्रभावित करता है.

6. शुक्र और विदेश यात्रा
यदि शुक्र ग्रह आपकी कुंडली के छठे, सातवें या आठवें भाव में स्थित है, तो यह विदेश यात्रा के लिए एक और संकेत हो सकता है.

7. राहु का प्रभाव
राहु यदि आपकी कुंडली के पहले, सातवें या आठवें भाव में है, तो यह भी विदेश यात्रा के योगों को दर्शाता है.

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कुंडली में ये शुभ योग करवाते हैं विदेश यात्रा, हर ग्रह की होती है खास भूमिका


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https://hindi.news18.com/news/dharm/these-auspicious-yoga-in-kundali-make-travel-abroad-videsh-yatra-ke-yog-8970553.html

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