Home Astrology दिमाग से नहीं निकल पा रही है टेंशन? प्रेमानंद बाबा के बताए...

दिमाग से नहीं निकल पा रही है टेंशन? प्रेमानंद बाबा के बताए उपाय करें फॉलो, चुटकियों में तनाव हो जाएगा खत्म!

0
6



Premanand Tips for Remove Tension: आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में इंसान पर तनाव सबसे अधिक हावी हो रहा है. दुनियाभर में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो, जो तनाव में न जी रहा हो. टीएजर्स हों या बुजुर्ग, हर कोई स्ट्रेसफुल रहता है. किसी को काम की टेंशन तो किसी को निजी जिंदगी या अतीत से जुड़ी बातें आराम से बैठने नहीं देती हैं. इससे इंसान धीरे-धीरे डिप्रेशन की चपेट में आने लगता है.

कई बार ऐसा भी होता है कि सब कुछ ठीक रहने के बावजूद भी मन उदास रहता है. कुछ इसी तरह की समस्या को लेकर एक युवक वृंदावन रसिक संत शिरोमणि प्रेमानंद महाराज जी के दरवार में पहुंचा. युवक ने समस्या बताई तो बाबा ने तनाव दूर करने के कुछ आसान उपाय बताएं. यदि आप भी कुछ इस तरह की समस्या से जूझ रहे हैं तो इन उपायों को फॉलो कर सकते हैं. आइए जानते हैं बाबा प्रेमानंद महाराज के इन उपायों के बारे में-

दिमाग से तनाव दूर करने के कारगर उपाय

प्रभु का चिंतन करें: प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, चिंता चिता के समान होती है, लेकिन लोग फिर भी इससे निकल नहीं पाते हैं. उनका कहना है कि, अगर दिमाग खाली हो तो गंदगी ही भरेगी, इसलिए भगवान का चिंतन जरूरी है. क्योंकि, जब हमारे दिमाग में भगवती का चिंतन होगा तो हम चिंता को दो मिनट में डिलीट कर सकते हैं.

निगेटिविटी होगी दूर: विवेक तो वही है कि एक क्षण में द्वेष को नष्ट कर दो और आनंदपूर्वक भगवत चिंतन में लगो. इसके अलावा, आध्यात्म के बिना आप इन नेगेटिव भावों को रोक नहीं सकते. कितनी भी भारी चिंता हो उसे हम भगवान के चिंतन से नष्ट कर सकते हैं.

हट जाएगी चिंता: जो व्यक्ति हमें बुरा कहे तो सोचें कि मेरे ही किसी पाप का दंड मुझे मिल रहा है. ये बेचारा तो निर्दोष है. इसे तो निमित्त बनाया जा रहा है. बड़े धन्य हो भगवान, जो मेरे किए हुए कर्म का दंड देकर हमें पवित्र कर रहे हो. जब भगवान का नाम जपते हैं तो विवेक जागृत होता है और विवेक एक मिनट में चिंता को हटा देता है.


.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.
.

https://hindi.news18.com/news/dharm/vrindavan-rasik-sant-shri-premanand-maharaj-gives-a-amazing-tips-of-remove-stress-from-your-mind-tension-dur-karne-ke-upay-8925212.html

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here