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Puja Path Tips: जब हम आरती करते हैं या भगवान के सामने दीपक जलाते हैं, तो कई बार दीपक अचानक बुझ जाता है, कभी पूरी तरह जल जाता है, और कभी उसमें बाती अधजली रह जाती है. इन चीजें के पीछे गहरे आध्यात्मिक अर्थ छिपे हो…और पढ़ें
दीपक का विशेष स्थान पूजा में होता है
हाइलाइट्स
- दीपक की बाती पूरी जलना शुभ संकेत है.
- अधजली बाती नकारात्मक ऊर्जा का संकेत है.
- दीपक का अचानक बुझना पूजा में बाधा दर्शाता है.
Diya ki baati ka pura jal jana: दीपक का विशेष स्थान पूजा में होता है. पूजा घर में सुबह-शाम दीपक जरूर जलाया जाता है. मान्यताओं के अनुसार, दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. लेकिन, क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि जब आप दीपक जलाते हैं तो वह आपके जीवन में कौन-कौन से संकेत दे रहा होता है. इसके अलावा कई बार दीपक की बाती पूरी तरह जल जाती है, वहीं कई बार अधजली रह जाती है. इन सभी बातों के अलग-अलग शुभ और अशुभ संकेत होते हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है. इस बारे में बता रहे हैं ज्योतिषाचार्य धर्मेंद्र कुमार शर्मा.
दीपक की बाती में फूल बनना
अगर दीपक की बाती में फूल बनता है, तो इसका सीधा अर्थ है कि भगवान ने आपकी प्रार्थना स्वीकार कर ली है और वे आपकी पूजा से प्रसन्न हैं. कभी-कभी, दीपक में देवी-देवताओं के रूप जैसी आकृतियां भी दिख सकती हैं, जो अत्यंत शुभ संकेत होते हैं.
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दीपक की बाती पूरी जल जाना
आपके द्वारा जलाया गया दीपक पूरी तरह जल जाता है और बाती राख में बदल जाती है, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है. इसका मतलब है कि भगवान ने आपकी पूजा स्वीकार कर ली है. वे आपसे प्रसन्न हैं. आपकी प्रार्थनाएं उन तक पहुंच रही हैं. आप जिस भी कार्य के लिए पूजा कर रहे हैं, उसमें सफलता मिलेगी.
दीपक की बाती अधजली रह जाना
घर के मंदिर में अगर दीपक की बाती अधजली रह जाती है और दीपक बार-बार बुझता है, तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा के वास का संकेत देता है. आपके कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं. ईश्वर की कृपा पाने के लिए आपको और अधिक भक्ति व श्रद्धा से पूजा करनी होगी.
दीपक बुझ जाना
दीपक पूजा के दौरान अचानक बुझ जाए तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी पूजा में कोई बाधा आ रही है या नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव डाल रही है. अगर हवा के कारण बुझा हो, तो इसे सामान्य घटना माना जा सकता है, लेकिन यदि बिना किसी कारण के बुझ जाए, तो यह अशुभ संकेत हो सकता है. ऐसे में गंगाजल का छिड़काव करके पुनः दीपक जलाएं और ईश्वर से प्रार्थना करें.
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मंदिर के दीपक को कब बदल सकते हैं?
मंदिर का दीपक टूट जाए या खंडित हो जाए तभी आप उसे बदल सकते हैं. लेकिन फिर भी उस दीपक को फेंकें नहीं, बल्कि इसे घर में किसी सुरक्षित स्थान पर रखें, क्योंकि इसमें भगवान की सकारात्मक ऊर्जा संचित होती है.
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