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पौष अमावस्या पर ऐसे करें सूर्य की उपासना, मिलेगा पूरा फल! ज्योतिषाचार्य से जानिए गंगा स्नान और दान के नियम – Uttarakhand News


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Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या का दिन हरिद्वार में विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है. इस दिन गंगा स्नान, सूर्य उपासना और दान करने से न केवल ग्रह दोष शांत होते हैं, बल्कि तन, मन और धन से जुड़ी परेशानियों से भी राहत मिलने की मान्यता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पौष अमावस्या पर किए गए कुछ विशेष उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं.

Paush Amavasya 2025 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार एक वर्ष में कुल 12 अमावस्या आती हैं, लेकिन इनमें पौष मास की अमावस्या का विशेष महत्व माना गया है. धर्म नगरी हरिद्वार में अमावस्या के दिन गंगा स्नान और सूर्य देव की उपासना को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है. मान्यता है कि इस दिन हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में शांति आती है. इस साल की अंतिम पौष अमावस्या 19 दिसंबर शुक्रवार को सुबह 4:59 से लेकर 20 दिसंबर सुबह 7:12 तक है.

ज्योतिष गणना के अनुसार पौष मास में सूर्य का प्रकाश और गति मंद हो जाती है. इसी कारण इस समय शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं. ऐसे में सूर्य देव को मजबूत करने और अमावस्या का पूरा फल पाने के लिए धार्मिक उपाय करना बेहद फलदायी माना जाता है.

हरिद्वार में गंगा स्नान और दान का महत्व
हरिद्वार को मोक्ष नगरी कहा जाता है. पौष अमावस्या के दिन हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने से ग्रह दोष समाप्त होने की मान्यता है. साथ ही व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करता है तो उसे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया स्नान और दान कई जन्मों के पापों को भी शांत कर देता है.
ज्योतिषाचार्य की राय
हरिद्वार के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि वर्ष की सभी 12 अमावस्याओं में पौष अमावस्या का अलग महत्व है. इस मास में सूर्य की गति धीमी होने के कारण शारीरिक रोग और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है.
उनके अनुसार पौष अमावस्या के दिन हरिद्वार में गंगा स्नान करने से शारीरिक रोगों से राहत मिलती है. वहीं गंगाजल से सूर्य देव को अर्घ्य देने और सूर्य मंत्रों का जाप करने से त्वचा रोग दूर होते हैं और कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत होता है.
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पौष अमावस्या पर करें ये खास उपाय
पंडित श्रीधर शास्त्री आगे बताते हैं कि पौष अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है. स्नान के दौरान सूर्य देव के 12 नामों का जाप करना चाहिए. इसके साथ ही सूर्य के बीज मंत्र और वैदिक मंत्रों का जाप करने से कुंडली में सूर्य ग्रह के साथ अन्य ग्रहों से भी शुभ फल प्राप्त होते हैं.

उन्होंने बताया कि इस दिन स्नान और दान करने से जीवन में चल रही परेशानियां दूर होती हैं और व्यक्ति को तन, मन और धन से जुड़े लाभ मिलते हैं. साथ ही भगवान विष्णु और मां गंगा की विशेष कृपा भी बनी रहती है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही Bharat.one (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं Bharat.one (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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पौष अमावस्या पर ऐसे करें सूर्य उपासना, मिलेगा पूरा फल! ज्योतिषाचार्य से जानिए


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